नौकरी व्यापार एवं ग्रहस्थ धर्म के पालन करते हुए या सन्यासी रहते हुए किन्हीं भी गुरु जी से दीक्षा लेकर भजन करने पर ही प्रभु के धाम की प्राप्ति होती है/संत गौर दास
नौकरी व्यापार एवं ग्रहस्थ धर्म के पालन करते हुए या सन्यासी रहते हुए किन्हीं भी गुरु जी से दीक्षा लेकर भजन करने पर ही प्रभु के धाम की प्राप्ति होती है/संत गौर दास
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