श्री राम लीला में पुष्प वाटिका में माता सीता व भगवान राम की भेंट और शिव धनुष तोड़ने की लीला का मंचन देख भावविभोर हुए श्रद्धालु




होशियारपुर /दलजीत अजनोहा 

 श्री राम लीला कमेटी की तरफ से करवाए जा रहे दशहरा महोत्सव के तीसरे दिन जहां भगवान राम एवं लक्ष्मण के जनकपुरी पहुंचने एवं पुष्प वाटिका में भगवान राम व माता सीता के भेंट की लीला का मंचन किया गया वहीं चौथे दिन शिव धनुष तोड़ने एवं भगवान राम व माता सीता का विवाह पक्का होने के मंचन ने उपस्थिति को भावविभोर कर दिया। पुष्प वाटिका में भगवान राम और माता सीता ने एक-दूसरे को देखा और मन ही मन माता सीता ने भगवान श्री राम को अपने पति रूप में स्वीकार कर लिया था। प्रधान गोपी चंद कपूर की अध्यक्षता में करवाए जा रहे महोत्सव के दौरान दिखाया गया कि किस प्रकार राजा जनक ने माता सीता के विवाह के लिए शिव धनुष तोड़ने की शर्त रखी हुई थी तथा इसके लिए बड़े-बड़े राजा जनकपुरी पहुंचे थे। सभी ने बारी-बारी से जोर लगाया, लेकिन कोई भी धनुष को तोड़ना तो दूर की बात हिला भी नहीं सका। इस पर राजा जनक जब धरती पर कोई वीर योद्धा नहीं जो धनुष को उठा सके की बात करते हैं तो लक्ष्मण क्रोध में खडे हो जाते हैं तथा राजा जनक को रघुकुलमणी भगवान राम के बारे में बताते हैं। इस दौरान भगवान राम का इशारा मिलने पर लक्ष्मण शांत हो जाते हैं तथा गुरु विश्वामित्र से आज्ञा पाकर भगावन राम धनुष को उठाकर एक ही पल में तोड़ देते हैं। जिससे धरती कांप उठती है और चारों दिशाओं में हाहाकार मच जाती है। धनुष के टूटने से हुई तेज गर्जना सुनकर भगवान परशुराम समझ जाते हैं कि उनके आराध्य भगवान शिव के धनुष को किसी ने तोड़ दिया है और वह सीधे राजा जनक की सभा में पहुंच जाते हैं। जिसके बाद लक्ष्मण और परशुराम जी में तीखा संवाद होता है तथा भगवान राम उनसे क्षमा मांगते हुए खुद को हर सजा के लिए आगे कर देते हैं। मंचन में दिखाया गया कि जब भगवान परशुराम ने भगवान राम को अंतरध्यान होकर देखा तो वे समझ गए कि वह तो साक्षात भगवान विष्णु का अवतार हैं। इसके बाद भगवान राम और माता जानकी के विवाह की तैयारियां शुरु होने लगीं। इस दौरान आरती उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राम का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर शिव सूद, प्रदीप हांडा, राकेश सूरी, संजीव ऐरी, राम अग्रवाल, रमेश मेहता, कमल वर्मा, राजिंदर मोदगिल, तरसेम मोदगिल, हरीश आनंद, अजय जैन, दीपक वालिया, दीपक शारदा, रघवीर बंटी, कपिल हांडा, आशीष वर्मा, वरुण कैंथ, सुनील पराशर, दीनेश गुप्ता, अश्वनी शर्मा छोटा, कुनाल चतरथ, पवन शर्मा, वरुण ऐरी, दविंदरनाथ बिंदा, सुशील पडियाल, राकेश डोगरा, राजेश सठी, पवन शर्मा, मनोज दत्ता, कृष्ण गोपाल मोदगिल, साहिल सांपला, भारत भूषण वर्मा, राजन गुप्ता मिंटू, शिव जैन, वरुण शर्मा आशू, शिवम ओहरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्री राम लीला का मंचन देखा और प्रभु महिमा का गुणगान किया।

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