युवाओं को राजनीति के मोहरे नहीं, देश के जिम्मेदार नेता बनने की जरूरत : डॉ. धर्मपाल साहिल‘Gen-Z: देश का भविष्य बनाम सियासत के मोहरे’ पुस्तक का लोकार्पण
होशियारपुर/दलजीत अजनोहा आज युवाओं का राजनीति की ओर बढ़ता रुझान देश के लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है, लेकिन उन्हें सही दिशा और राजनीतिक सोच देने की भी उतनी ही आवश्यकता है। युवाओं को राजनीति के मोहरे बनने के बजाय देश और समाज की सेवा के लिए जिम्मेदार नेतृत्वकर्ता बनना चाहिए। यह विचार प्रसिद्ध उपन्यासकार एवं राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता डॉ. धर्मपाल साहिल ने लेखक संजीव तलवाड़ की पुस्तक ‘Gen-Z: देश का भविष्य बनाम सियासत के मोहरे’ के लोकार्पण समारोह के दौरान व्यक्त किए।
डॉ. धर्मपाल साहिल ने कहा कि आज युवा राजनीति को प्रसिद्धि हासिल करने का माध्यम समझकर इस क्षेत्र की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे समय में उन्हें लोकतंत्र, राजनीति और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों की समझ देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि संजीव तलवाड़ की यह पुस्तक युवाओं के लिए मार्गदर्शक साबित होगी।
डॉ. अजय बग्गा ने कहा कि युवाओं को सबसे पहले अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए समाज और देश के अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्ची और स्वच्छ राजनीति को अपना लक्ष्य बनाकर ही देश को सही दिशा दी जा सकती है।
पुस्तक के बारे में जानकारी देते हुए संजीव तलवाड़ ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के अनुभवों के आधार पर राजनीति में युवाओं की भूमिका, उनके सामने आने वाली समस्याओं तथा उच्च राजनीतिक मानदंड स्थापित करने के लिए आवश्यक प्रयासों पर अपने विचार प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक राजनीति के माध्यम से समाज सेवा करना चाहने वाले हजारों युवाओं के लिए उपयोगी साबित होगी।
समारोह के अंत में संस्कृति संरक्षण सोसायटी के अध्यक्ष मास्टर कुलविंदर जंडा ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि आज की राजनीति में युवाओं के सुसंस्कृत चरित्र और स्वच्छ सोच की बहुत आवश्यकता है। कुछ स्वार्थी नेता अपने निजी हितों के लिए युवाओं की क्षमता का सही उपयोग नहीं होने देते, जिसका नुकसान युवाओं के साथ-साथ देश को भी उठाना पड़ रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस पुस्तक को पढ़कर इससे मार्गदर्शन प्राप्त करें और देश व समाज की बेहतरी के लिए आगे बढ़ें।
समारोह में वकीलों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, पत्रकारों के अलावा समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
Comments
Post a Comment