श्री कागभूसुंडी जी के पावन एवं अद्भुत चरित्र का बहुत सुंदर वर्णन किया



होशियारपुर/दलजीत अजनोहा 
श्री सनातन धर्म सभा माता मंदिर मैं श्री राजपाल तवर और कुशल तवर जी के आनुगत्य में दोपहर 3:00 बजे से चल रही श्री भक्तमाल कथा में वृंदावन से पधारे राष्ट्रीय संत परम श्रद्धेय श्री गौरदास जी महाराज ने आज श्री कागभूसुंडी जी के पावन एवं अद्भुत चरित्र का बहुत सुंदर वर्णन करते हुए बताया कि कागभूसुंडी जी को अपने पिछले 1000 जन्म याद थे भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ जी को एक बार मोह हो गया तो अपना संशय दूर करने के लिए शंकर जी के पास गए तो शंकर जी ने उन्हें पक्षियों में सबसे नीची जाति कौवे की जाति मे परम भक्त अर्थात काग भूसुंडी जी के पास भेजा
 परम भक्त कागभूसुंडी जी के आश्रम परिसर में पहुंचते ही गरुड़ जी का संशय दूर हो गया और जो हरि नाम लेना भूल गए थे वो फिर से शुरू हो गया गरुड़ जी के संशय का पूर्ण रूप से निवारण दूर करने हेतु कागभूसुंडी जी ने पहले उन्हें श्री राम कथा सुनाई फिर गरुड़ जी ने कागभुसुंडि जी से उनकी अपनी आत्मकथा सुनाने को कहा और साथ ही यह भी निवेदन किया कि जब आपको कोई भी शरीर धारण करने का वरदान प्राप्त है तो आप कौवे जैसी निकृष्ट योनि में क्यों रहते हैं तो कागभूसुंडी जी ने कहा कि श्रीसतगुरु देव जी की कृपा से मुझे इसी योनि में प्रभु के दर्शन हुए और मैं प्रभु राम के बाल स्वरूप के साथ उनके 5 वर्ष की आयु तक उनका खिलौना बन जाता हूं
 महाराज श्री द्वारा गाए भजन *बोल बोल कागा मेरे राम कब आएंगे*, *नगरी नगरी द्वारे द्वारे ढूंढू रे सांवरिया* पर डॉ त्रेहन, कुशल, राजपाल, ब्रज लता दासी, हरिदासी, ब्रजराज दास, संजय बहुत सारे भाई बहनों के साथ प्रेम में मग्न होकर नृत्य कर रहे थे कथा समिति ने दोपहर को 3:00 बजे से होने वाली इस कथा में नगर के सभी धर्म प्रेमियों को कथा में सपरिवार आमंत्रित किया है कथा के बाद सबके लिए प्रतिदिन लंगर भोजन की व्यवस्था भी है

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