श्रीमद् भागवत का प्रारंभ एवं विश्राम प्रणाम से ही होता है/राष्ट्रीय संत गौर दास


होशियारपुर/दलजीत अजनोहा 

राधा कृष्ण मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के विश्रा‌म दिवस पर वृंदावन से पधारे परम श्रदथेय संत श्री गौरदास जी महाराज ने भगवान श्री कृष्ण की मथुरा और द्वारका लीला का बहुत सुंदर वर्णन करते हुए बताया कि आज का दिन तो नाचने गाने का दिन है पूरे विश्व में हर सनातनी के घर और हर मंदिर में आज भगवान श्री कृष्ण की जन्माष्टमी का उत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जा रहा है आज दिन में भी उत्सव होता है और रात्रि में भी उत्सव मनाया जाता है वैष्णव लोग सारी रात जाग कर भगवान श्रीकृष्ण का कीर्तन एवं पाठ किया करते हैं आज के दिन व्रत भी रखा जाता है श्रीमद् भागवत कथा के अंत में कलयुग का बहुत सुंदर वर्णन करते हुए महाराज श्री ने बताया कलयुग में पानी का स्तर बहुत नीचे हो जाएगा छोटी-छोटी लड़कियां गर्भवती हो जाएगी हवा और पानी के लिए आपस में युद्ध होंगे लोग बहुत कष्ट से अपना जीवन बिताएंगे किंतु जो लोग गुरु जनों से दीक्षा लेकर भजन नियम तथा प्रभु एवं प्रभु के प्यारो की सेवा करते रहेंगे उनका कलयुग कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा श्रीमद् भागवत का प्रारंभ एवं विश्राम प्रणाम से ही होता है

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