श्री अंजनेश्वर धाम/दलजीत अजनोहा
श्री अंजनेश्वर धाम में दोपहर 2:00 बजे से चल रही श्रीमद् भागवत कथा में वृंदावन से पधारे राष्ट्रीय संत परम श्रद्धेय श्री गौरदास जी महाराज ने आज श्रीमदभागवत जी के महत्व/महात्मय का बहुत सुंदर वर्णन करते हुए बताया कि भागवत जी की कथा ध्यान से सुनने पर हमें पता लगता है की प्रभु सब स्थान पर है सब समय है सबके हैं और हम सबमें है अर्थात इस स्थान पर भी है इस समय भी है और हम सबमें हैं और हम सबके हैं जब प्रभु हम सबके हैं तो हम प्रभु के क्यों नहीं बनते
: कथा को आगे बढ़ाते हुए महाराज श्री ने बताया कि जिन भी संत और गुरुजनों से हम कथा सुनते हैं तो हमें अपने स्वरूप का ज्ञान होता है कि मैं श्री कृष्ण का दास हूं और केवल श्री कृष्ण ही मेरे हैं इससे पहले आज बहुत धूम धड़ाके से बैंड बाजो सहित शोभायात्रा निकाली गई जिसमें यजमान जी ने श्रीमद् भागवत जी को सिर पर धारण किया और बहुत सारी बहनें कलश लेकर नाचते गाते हुए कथा स्थल पर आई फिर श्रीमद् भागवत जी का पूजन हुआ तत्पश्चात महाराज जी ने कथा प्रारंभ की महाराज जी द्वारा गए भजन *गुरु जी दूर करो मेरे दिल में अंधेरा है*, *तेरे नाम के सहारे बीते ये मेरा जीवन* पर बहुत सारे भाई बहन प्रेम में मग्न होकर नृत्य कर रहे थे कथा समिति ने दोपहर को 2:00 बजे से होने वाली इस कथा में नगर के सभी धर्म प्रेमियों को सपरिवार आमंत्रित किया है कथा के बाद प्रसाद वितरण भी होता है
Comments
Post a Comment