पंजाब में अवैध माइनिंग बेखौफ, पंजाब सरकार की चुप्पी खड़े कर रही सवाल : खन्नाखन्ना द्वारा मानवाधिकार आयोग को अवैध माइनिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग


होशियारपुर/दलजीत अजनोहा 
 : पूर्व सांसद एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अविनाश राय खन्ना ने पंजाब में लगातार हो रही कथित अवैध माइनिंग पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के कई क्षेत्रों में बेखौफ होकर अवैध माइनिंग का कारोबार चल रहा है, लेकिन पंजाब सरकार और प्रशासन की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
खन्ना के कार्यालय से सचिव ज्योति कुमार जौली ने बताया कि खन्ना ने प्रदेश मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर पंजाब में अवैध माइनिंग पर तत्काल रोक लगाने तथा इस संबंध में पंजाब सरकार को सख्त निर्देश जारी करने की मांग की है। अपने पत्र में खन्ना ने आयोग को बताया कि अवैध माइनिंग केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण, कृषि भूमि, जलस्रोतों, सड़कों और आम नागरिकों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा से सीधे जुड़ा गंभीर विषय है। पंजाब में कई क्षेत्रों में जे.सी.बी. मशीनों से 10 से 20 फीट तक गहरी खुदाई किए जाने की बात सामने आई है। यदि ऐसी गतिविधियां नियम-कायदों को ताक पर रखकर लगातार जारी रहीं तो इसके दूरगामी और गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। सरकार का काम माइनिंग माफिया के आगे आंखें मूंदना नहीं, बल्कि कानून का राज सुनिश्चित करना है। यदि किसी क्षेत्र में खुलेआम अवैध माइनिंग हो रही है तो संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। खन्ना ने अपने पत्र में पंजाब सरकार से मांग की कि अवैध माइनिंग वाले क्षेत्रों की तत्काल उच्चस्तरीय जांच, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खन्ना ने हाल ही में नेपाल में आई भीषण बाढ़ से उत्पन्न तबाही का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाएं हमें पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ के गंभीर परिणामों की चेतावनी देती हैं। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब में इसी प्रकार अंधाधुंध और अवैध माइनिंग जारी रही तथा नदियों, बरसाती नालों और प्राकृतिक जलप्रवाहों के साथ छेड़छाड़ होती रही तो भविष्य में बाढ़, भू-कटाव और जन-धन की क्षति का खतरा बढ़ सकता है। पूर्व सांसद ने कहा कि पंजाब सरकार को किसी बड़ी त्रासदी की प्रतीक्षा करने के बजाय पहले ही प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मानवाधिकार आयोग से भी आग्रह किया कि वह मामले का संज्ञान लेकर पंजाब सरकार से जवाब तलब करे और आम जनता के जीवन, संपत्ति तथा सुरक्षित पर्यावरण के अधिकार की रक्षा के लिए आवश्यक निर्देश जारी करे।

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