आर्य समाज होशियारपुर में वेद-सप्ताह का समापन, महापुरुषों के जीवन से परोपकार की प्रेरणा लेने का संदेश
होशियारपुर /दलजीत अजनोहा
आर्य समाज होशियारपुर में पिछले दिनों से चल रहे वेद-सप्ताह का धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में समापन किया गया। इस अवसर पर प्रातःकाल पवित्र हवनयज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुतियां डालकर सुख-शांति की कामना की। आयोजकों ने बताया कि आर्य समाज की ओर से प्रतिवर्ष वेद-सप्ताह मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य वेदों का प्रचार-प्रसार करना, अविद्या का उन्मूलन करना तथा जनसाधारण को ज्ञान-विज्ञान, सदाचरण और शुद्ध आचरण के प्रति जागरूक करना है। समापन समारोह में आर्य समाज होशियारपुर के प्रधान प्रदीप कुमार सपत्नीक यजमान के रूप में उपस्थित हुए। श्रद्धालुओं ने यजमानों के सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना करते हुए पुष्पवृष्टि कर उन्हें शुभाशीर्वाद प्रदान किया। इसके उपरांत पार्वती देवी आर्य महिला विद्यालय की छात्राओं ने मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम के अंत में आर्य समाज के पुरोहित पंडित शिव प्रसाद उपाध्याय ने योगेश्वर श्री कृष्ण चंद्र जी के जीवन एवं उनके गुणों की व्याख्या की। पंडित शिव प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि महापुरुषों का जीवन सदैव परोपकार के लिए होता है। उन्होंने बताया कि श्री कृष्ण जी का जन्म कारागार में हुआ था और आगे चलकर उन्होंने कंस का संहार करने के साथ-साथ कई बंदी राजाओं को भी बंधन से मुक्त करवाया। उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण जी का संपूर्ण जीवन समाज के लिए शिक्षाप्रद एवं प्रेरणादायक रहा है। इस अवसर पर आर्य समाज के उपप्रधान डीके शर्मा, मंत्री चैतन्य वात्स्यायन, कोषाध्यक्ष हरिदत्त, वरिष्ठ सदस्य राजेश वर्मा, दिनेश चंद्र और सतपाल सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी श्रद्धालुओं ने वेद-सप्ताह के धार्मिक कार्यक्रमों का लाभ उठाया। कार्यक्रम के समापन पर उपप्रधान डीके शर्मा ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर आर्य समाज परिसर में ऋषि-लंगर का भी आयोजन किया गया।
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