होशियारपुर /दलजीत अजनोहा
शहीद मदन लाल ढींगरा कम्युनिटी सेंटर में श्याम सुंदर मखीजा जी के तत्वाधान में दोपहर 3:00 बजे से चल रही श्री भक्तमाल कथा में वृंदावन से पधारे राष्ट्रीय संत परम श्रद्धेय श्री गौरदास जी महाराज ने आज सूरदास जी का बहुत अद्भुत एवं सुंदर चरित्र सुनाते हुए बताया कि सूरदास जी का जन्म दिल्ली के निकट सिरोही ग्राम में हुआ था यह बचपन से ही जन्मांध थे ज्योतिष का इन्हें बहुत ज्ञान था पर यह भगवान के भजन बहुत भाव से गाते थे 6 वर्ष की आयु में ही घर छोड़कर आप प्रभु की प्राप्ति के लिए चले गए आगे एक गांव में लगभग 12 वर्ष रहे वहां के लोग उनसे अपनी समस्या पूछने आते और यह ज्योतिष विद्या से समाधान कर देते परिणाम स्वरूप वहां इनका बहुत बड़ा आश्रम बन गया किंतु एक दिन उनके मन में आया मुझे तो प्रभु की प्राप्ति करने के लिए ही ये जीवन मिला है तो आप उसी समय आश्रम को छोड़कर आगरा के निकट रूनकता ग्राम में जाकर भजन करने लगे
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