होशियारपुर/दलजीत अजनोहा जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी की ओर से पंजाब स्टेट कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, एस.ए.एस. नगर के दिशा-निर्देशों के अनुसार आज जिले में वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-कम-चेयरमैन, जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी राजिंदर अग्रवाल के योग्य नेतृत्व में आयोजित इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर निपटारा किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में एन.आई. एक्ट की धारा 138 के तहत लंबित एवं प्री-लिटिगेशन बैंक रिकवरी मामले, श्रम विवाद, मोटर एक्सीडेंट क्लेम केस, बिजली एवं पानी के बिलों से संबंधित मामले (गैर-कम्पाउंडेबल मामलों को छोड़कर), वैवाहिक विवाद, ट्रैफिक चालान, राजस्व मामले, अन्य दीवानी एवं कम गंभीर आपराधिक मामले तथा घरेलू विवाद आदि सुनवाई के लिए रखे गए।
जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए कुल 20 बेंचों का गठन किया गया। इनमें होशियारपुर न्यायिक अदालतों में 9, दसूहा में 2, मुकेरियां में 2, गढ़शंकर में 2 तथा राजस्व अदालतों में 5 बेंच शामिल थे।
जिला होशियारपुर की लोक अदालत में कुल 33,077 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से 29,451 मामलों का मौके पर निपटारा किया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच समझौते के आधार पर कुल 11,96,34,439 रुपए के अवार्ड पारित किए गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, होशियारपुर के कर्मचारियों एवं पैरा लीगल वालंटियरों द्वारा ट्रैफिक चालान का भुगतान करने पहुंचे लोगों की सुविधा के लिए विशेष हेल्प डेस्क लगाए गए। इन हेल्प डेस्क के माध्यम से लोगों को अदालतों में लंबित ट्रैफिक चालानों का आसानी से भुगतान करने में सहायता प्रदान की गई।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-कम-चेयरमैन, जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी राजिंदर अग्रवाल तथा ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं सी.जे.एम.-कम-सचिव, जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, होशियारपुर अजय पाल सिंह ने लोक अदालत की विभिन्न बेंचों का दौरा किया। लोक अदालत को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने में बार एसोसिएशन, होशियारपुर द्वारा पूर्ण सहयोग दिया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में दो ऐसे मामलों का भी निपटारा किया गया, जो लंबे समय से अदालतों में विचाराधीन थे।
पहला मामला CIS नंबर CA-113-2022, अमरीक सिंह बनाम नछत्तर सिंह, अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन), होशियारपुर की अदालत द्वारा 12 अप्रैल 2022 को पारित आदेश के विरुद्ध जिला जज, होशियारपुर की अपीलीय अदालत में लंबित था। यह विवाद 8 जुलाई 2016 को शुरू हुआ था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजिंदर अग्रवाल के प्रयासों से आयोजित प्री-लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच समझौता करवाया गया। समझौते के आधार पर अपील वापस लेकर खारिज कर दी गई तथा आज राष्ट्रीय लोक अदालत की बेंच नंबर 3 में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. मनदीप मित्तल द्वारा मामले का अंतिम निपटारा कर दिया गया।
दूसरा मामला CIS नंबर CA-08-2023, स्वर्ण सिंह बनाम रघवीर कौर, अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन), दसूहा की अदालत द्वारा 21 नवंबर 2022 को पारित आदेश के विरुद्ध जिला जज, होशियारपुर की अपीलीय अदालत में लंबित था। यह विवाद 5 मार्च 2020 को शुरू हुआ था। प्री-लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद अपील वापस ले ली गई और आज बेंच नंबर 3 में डॉ. मनदीप मित्तल द्वारा समझौते के अनुसार मामले का अंतिम निपटारा किया गया।
इस अवसर पर लोगों से अपील की गई कि वे अपने मामलों का निपटारा करवाने के लिए लोक अदालतों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। लोक अदालतों के माध्यम से समय एवं धन की बचत होती है तथा दोनों पक्षों के बीच आपसी भाईचारा और सौहार्द बढ़ता है। लोक अदालत में समझौते के आधार पर पारित अवार्ड अंतिम होते हैं और इनके विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होता।
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