खड़गे का अपमान दलित समाज पर हमला ही नहीं, संविधान और सामाजिक भाईचारे पर सीधा हमला है/ एडवोकेट रणजीत कुमार'*****शुद्धिकरण' के नाम पर जातिवादी सोच को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा; मोदी सरकार दोषियों के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई करे/एडवोकेट रणजीत कुमार
हुशियारपुर/दलजीत अजनोहा — कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मलिक अर्जुन खड़गे के साथ कथित अपमानजनक व्यवहार पर तीखा प्रतिक्रम देते हुए कांग्रेस नेता एडवोकेट रणजीत कुमार, हल्का इंचार्ज चब्बेवाल ने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान नहीं है, बल्कि उस सोच का प्रकटावा है जो आज भी जाति के आधार पर किसी की इज्जत तय करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि खड़गे साहब का अपमान समूचे दलित समाज की मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाली घटना है और इसे हल्के में लेना और भी गंभीर होगा। जो लोग 'शुद्धिकरण' जैसे शब्दों या रस्मों की आड़ में जातिवाद को जायज़ ठहराने की कोशिश करते हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि भारत अब मनुवादी सोच से नहीं, बल्कि डॉ. बी.आर. अंबेदकर के संविधान के साथ चलता है।
एडवोकेट रणजीत कुमार ने कहा कि जातिवाद की जड़ों को राजनीतिक समर्थन देने की कोई भी कोशिश देश की एकता और लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। ऐसी घटनाएँ सिर्फ एक वर्ग को अपमानित नहीं करतीं, बल्कि समाज के विभिन्न तबकों में नफ़रत और दरारें पैदा करती हैं।
उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार से सीधा सवाल करते हुए कहा कि अगर सरकार वास्तव में 'सबका साथ, सबका विकास' की बात करती है तो फिर जाति के आधार पर किसी भी अपमान को बर्दाश्त क्यों किया जा रहा है? सरकार को बयानों और नारों से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर कार्रवाई करके दिखाना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि इस मामले की तुरंत और निष्पक्ष जांच करवाई जाए और अगर किसी व्यक्ति द्वारा कानून की उल्लंघना या जातिवादी अपमान साबित होता है तो उसके खिलाफ बिना किसी राजनीतिक दबाव के सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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