श्री राम कथा के समापन दिवस पर सुंदरकांड प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर



 होशियारपुर/दलजीत अजनोहा 

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा श्री प्राणेश्वर महादेव मंदिर की ओर से गांव बिंजों के निकट स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल के प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय श्री राम कथा का भक्तिमय वातावरण में विधिवत समापन हुआ। कथा के अंतिम दिवस पर श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री मनस्विनी भारती जी ने सुंदरकांड के पावन प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक वर्णन किया।

 

साध्वी जी ने अपने प्रवचनों के माध्यम से हनुमान जी की अद्भुत भक्ति, अटूट श्रद्धा, साहस और प्रभु श्री राम के प्रति पूर्ण समर्पण पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सुंदरकांड केवल वीरता का प्रसंग नहीं, बल्कि भक्ति, विश्वास और गुरु एवं प्रभु के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम संदेश देता है।

 

हनुमान जी द्वारा प्रभु श्री राम के कार्य को पूर्ण करने के लिए समुद्र लांघने तथा माता सीता की खोज के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। साध्वी जी ने कहा कि जब मनुष्य के जीवन में सच्ची भक्ति, दृढ़ विश्वास और प्रभु की कृपा का संबल होता है, तो बड़ी से बड़ी बाधा भी सरल हो जाती है।

 

कथा के दौरान प्रस्तुत दिव्य भजनों एवं भक्तिमय संगीत ने पूरे पंडाल को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। श्रद्धालु प्रभु श्री राम और पवनपुत्र हनुमान जी के जयकारों के साथ भक्ति में लीन दिखाई दिए।

 

सात दिवसीय श्री राम कथा के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रभु श्री की पावन आरती में सहभागिता की। इसके उपरांत संगत की सेवा हेतु लंगर-प्रसाद का आयोजन किया गया, जिसे सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया।

 

इस प्रकार सात दिवसीय श्री राम कथा का समापन भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक आनंद के दिव्य वातावरण में हुआ। सुंदरकांड के पावन प्रसंग ने श्रद्धालुओं को यह प्रेरणा दी कि प्रभु के प्रति सच्चा प्रेम, अटूट विश्वास और निःस्वार्थ सेवा ही जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग है।

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