हुशियारपुर/दलजीत अजनोहा: पंजाब बंद के आह्वान पर आज क़ौमी इन्साफ़ मोर्चा द्वारा माहिलपुर और आसपास के क्षेत्रों में बंद को भरपूर समर्थन देखा गया। अकाली दल वारिस पंजाब के नेता मखण सिंह कोठी, जत्थेदार बाबा नागर सिंह टुटोमाजरा मिशल शहीदा तरनादल हरीਆਂ वेलां, किसान नेता तलविंदर सिंह हीर, इकबाल सिंह खेड़ा, शिरोमणि अकाली दल सहित विभिन्न वर्गों के लोग और दुकानदारों ने बंद का पूरा समर्थन किया।
बंद के कारण माहिलपुर के बाजारों में दुकाने और प्राइवेट स्कूल बंद रहे, हालांकि केमिस्ट की दुकानें, डॉक्टरों के क्लीनिक, दूध की डेयरियाँ और सरकारी कार्यालय खुले रहे। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने कहा कि बंदी सिंह अपने दंड पूरी कर लेने के बावजूद जेलों में बंद हैं और वहां उनका जीवन नरक जैसा चल रहा है। उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के मामले में अलग‑अलग सरकारों का रुख एक जैसा रहा है।
उन्होंने मांग की कि जत्थेदार भाई जगतार सिंह हवारा, भाई बलवंत सिंह राजोआणा, भाई परमजीत सिंह भिओरा, भाई जगतार सिंह तारा, जगतार सिंह जग्गी जौहल और अन्य बंदी सिंहों को तुरंत बनती पैरोल (बन्दी पैरोल) पर रिहा किया जाए। उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के लंबे समय से लटके हुए मामले का बातचीत के जरिए तुरंत हल निकाला जाए।
इस मौके पर उपस्थित प्रमुख नेता और वक्ता थे: बाबा अमनवीर सिंह चंबलां, तरलोचन सिंह सक्रूली गुरजिंदर सिंह सरहाला, जसपाल सिंह खानपुर, गुरमिंदर सिंह भार्टा, जसवीर सिंह भट्टी,रामपाल सिंह लाली भारटा,नरेंद्र सिंह बूटा,जरनैल सिंह नडालो,रनजोध सिंह नडालो,अमरजीत सिंह राजा ,कामरेड महिंद्र सिंह खरड़ ,गोल्डी राणा,हरप्रीत सिंह मारवाहा,डॉ. कुलवंत सिंह चब्बेवाल, गुरिंदर सिंह बैस, कुलदीप सिंह, इंद्रपाल सिंह महिगरोवाल, जुगिंदर सिंह कहारपुर, मखण सिंह टुटोमजारा, खुशवंत सिंह बैस, मखन सिंह टुटोमाजरा, गिनी भार्टा, मनी बिहाला, निर्मल सिंह सारंगवाल, परमिंदर सिंह बूरोबाड़ियाँ, जसवीर सिंह शीरा, लखवीर सिंह डांनसीवाल, बाबा धरम सिंह, बाबा वरिंदर सिंह जंडोली, बाबा हरमनवीर सिंह हनी, गुरदेव सिंह मनोलिया, जसवीर सिंह, जर्नैल सिंह, सुखजीत सिंह, गगनदीप सिंह, निर्मल सिंह हकूमतपुर, परमजीत सिंह मेघोवाल, जसविंदर सिंह हवेली, सुखविंदर सिंह सुखा, गुरमुख सिंह सोढ़ी, तरसेम सिंह जस्सोबाल, हरजीत सिंह, परमजीत सिंह पद्दी सुरा सिंह, दिलबाग सिंह, हरजिंदर सिंह फतेहपुर और अन्य इलाके के इंसाफ़‑प्रिय लोग उपस्थित थे
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