वास्तु चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकती हैं -डॉ भूपेंद्र वास्तुशास्त्री


होशियारपुर/दलजीत अजनोहा 
       वास्तु हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित करता हैं, जैसा हमारा भवन होगा वैसा ही हमारा जीवन होगा। भविष्य निर्माण में भवन की वास्तु का महत्वपूर्ण योगदान होता हैं हम जिस क्षेत्र में अपना भाग्य बनाना चाहते हैं उस क्षेत्र विशेष के लिए भवन की अलग अलग दिशाओं का योगदान रहता हैं ऐसा मानना है अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वास्तुविद एवम लेखक डॉ भूपेंद्र वास्तुशास्त्री का।
     प्रजातंत्र की पहली पायदान से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कोई भी चुनाव होते हैं उन चुनाव परिणामों को निज आवास की वास्तु के साथ सामरिक कार्यालयो की वास्तू का महत्वपूर्ण योगदान देखा जा सकता है ।ख़ासकर दिशाओं का ।आम बोलचाल की भाषा में दक्षिण दिशा ओर दक्षिण दिशा के भवन को लोगभाग हल्के में लेते हैं या यह कह कर टाल देते हैं कि अमुक भवन तो दक्षिण मुखी है या इस भवन की दक्षिण दिशा ज़्यादा खुली हैं।लेकिन अगर कोई व्यक्ति सफल राजनेता की श्रेणी में आना चाहता है तो उसको सबसे पहले अपने घर की दक्षिण दिशा को वास्तु सम्मत रखनी होगी। ग्रहों के सेनापति मंगल की दक्षिण दिशा जोश, जुनून, हिम्मत, त्वरित निर्णय,हौसले बुलंद करने के साथ नेतृत्व करने की क्षमता प्रदान करती हैं साथ ही साथ मान यश कीर्ति में भी वृद्धि कारक भी होती हैं। दक्षिण दिशा के साथ अगर नेरित्य कोण की सरंचना वास्तु के अनुरूप है साथ ही पूर्व दिशा दूषित नहीं है तो कद्दावर नेता के साथ सरकार एवं शासन में भागीदारी हो सकती हैं। निजी भवन ओर चुनावी कार्यालय का नेरित्य कोण अगर वास्तु के अनुरूप है तो मतदाता की चाहत न होते हुए भी चुनाव परिणाम आपके पक्ष में आ सकते है क्योंकि मत आपकी विजय के लिए नहीं दिए बल्कि आपके सामने खड़े उम्मीदवार को हराने के लिए दिए गए है !अगर कोई महिला राजनीति में सफलता के परचम लहराने के आतुर हैं तो अपने निजी भवन की दक्षिण दिशा आग्नेय कोण के साथ पूर्व दिशा व उतर दिशा को दोष मुक़्त रख कर अपने मायके के भवन की उतर दिशा को भी दोष मुक्त रखना होगा ।किसी कारणवश सामरिक कार्यलय चुनावी कार्यालय या निज भवन का आग्नेय कोण दूषित हो गया है तो चुनाव परिणाम न्यायालय के माध्यम से भी हो सकते हैं ।

Comments