श्री राम कथा के चतुर्थ दिवस पर राम विवाह प्रसंग ने भक्तों को किया भाव-विभोर



होशियारपुर /दलजीत अजनोहा दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा श्री प्राणेश्वर महादेव मंदिर की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन गांव बिंजों के निकट स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल के प्रांगण में श्रद्धा एवं भक्तिमय वातावरण में किया जा रहा है। कथा के चतुर्थ दिवस पर श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री मनस्विनी भारती जी ने प्रभु श्री राम की महिमा का अत्यंत भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक व्याख्यान किया।

कथा के चतुर्थ दिवस का मुख्य आकर्षण प्रभु श्री राम एवं माता सीता के पावन विवाह प्रसंग का सुंदर वर्णन रहा। साध्वी जी ने राम विवाह प्रसंग के माध्यम से प्रभु श्री राम के आदर्श चरित्र, मर्यादा एवं जीवन मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रभु श्री राम का जीवन मानव समाज के लिए आदर्श एवं प्रेरणा का स्रोत है। राम विवाह केवल एक दिव्य प्रसंग नहीं, बल्कि प्रेम, समर्पण, मर्यादा एवं आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है।

साध्वी जी द्वारा सुनाए गए सीता स्वयंवर एवं प्रभु श्री राम द्वारा शिव धनुष भंग के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा के दौरान ऐसा प्रतीत हुआ मानो श्रद्धालु स्वयं उस दिव्य विवाह समारोह के साक्षी बन रहे हों। राम-सीता विवाह प्रसंग के सुंदर वर्णन से पूरा पंडाल श्रद्धा एवं आनंद से भर उठा।

कथा के दौरान मंच से प्रस्तुत दिव्य भजनों एवं मधुर भक्तिमयी संगीत ने वातावरण को और भी आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालु प्रभु श्री राम के गुणगान में भाव-विभोर होकर भक्ति रस में डूब गए। पूरा पंडाल “जय श्री राम” के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने प्रभु की दिव्य कथा का आनंदपूर्वक श्रवण किया।

कथा के समापन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रभु श्री की पावन आरती में भाग लिया। मंदिर कमेटी के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में उपस्थित रहे और श्रद्धापूर्वक प्रभु के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।

संगत की सेवा एवं प्रभु भक्ति के भाव से लंगर-प्रसाद की भी व्यवस्था की गई, जिसे सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया।

इस प्रकार श्री राम कथा के चतुर्थ दिवस पर राम विवाह के दिव्य प्रसंग ने समूचे वातावरण को प्रेम, भक्ति और आनंद से सराबोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने प्रभु श्री राम एवं माता सीता के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेते हुए मर्यादा, प्रेम, समर्पण एवं धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश प्राप्त किया।

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