सरपंचों को गुमराह करना बंद करे पंजाब सरकार: निपुण शर्माकहा –15वें वित्त आयोग की केंद्र सरकार की ग्रांट पर अपनी मुहर लगाकर श्रेय लेने की राजनीति कर रही है मान सरकार



होशियारपुर/दलजीत अजनोहा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष निपुण शर्मा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर 15वें वित्त आयोग की ग्राम पंचायत ग्रांट को लेकर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पंचायतों के विकास के लिए भेजी गई राशि पर अपनी मुहर लगाकर पंजाब सरकार सरपंचों और प्रदेश की जनता को गुमराह करने का काम कर रही है।
निपुण शर्मा ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत मिलने वाली ग्रांट पूरी तरह केंद्र सरकार की राशि है, जिसे गांवों में सड़क, गली, नाली, स्वच्छता, पेयजल, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य बुनियादी विकास कार्यों के लिए जारी किया जाता है। राज्य सरकार का कार्य केवल इस राशि को पंचायतों तक पहुंचाना है, लेकिन आम आदमी पार्टी इसे अपनी उपलब्धि बताकर झूठा प्रचार कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायतों की यह ग्रांट लंबे समय तक जानबूझकर रोके रखी गई ताकि बाद में मंत्री, विधायक और आम आदमी पार्टी के नेता चेक वितरित कर राजनीतिक श्रेय ले सकें। विकास कार्यों में हुई देरी का नुकसान सीधे गांवों और ग्रामीण जनता को उठाना पड़ा।
भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को स्पष्ट करना चाहिए कि यदि यह पंजाब सरकार का पैसा है तो राज्य सरकार ने अपने खजाने से पंचायतों के लिए कितनी राशि जारी की है। केंद्र सरकार की भेजी हुई ग्रांट को अपना बताना जनता के साथ सीधा छल है।
निपुण शर्मा ने पंजाब के सभी सरपंचों से अपील करते हुए कहा कि जब भी 15वें वित्त आयोग के चेक दिए जाएं तो सरकार से एक सवाल अवश्य पूछें— यह चेक केंद्र सरकार की ग्रांट का है या पंजाब सरकार की अपनी राशि का? यदि यह केंद्र का पैसा है तो उसका श्रेय भी केंद्र सरकार को मिलना चाहिए, न कि आम आदमी पार्टी के राजनीतिक प्रचार को।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार रिकॉर्ड धनराशि उपलब्ध करा रही है। भाजपा पंचायतों के अधिकारों, पारदर्शिता और ईमानदार विकास की राजनीति के साथ खड़ी है, जबकि पंजाब सरकार केवल श्रेय लेने की राजनीति कर रही है।

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