आदि धर्म" लहर के झंडे बुलंद करने पर गुरु रविदास साधु संप्रदाय सोसायटियों का धन्यवाद / संत सतविंदर हीरा


होशियारपुर/दलजीत अजनोहा
गुरु रविदास साधु संप्रदाय सोसायटियों (रजिस्टर्ड) पंजाब के समस्त कार्यकारी सदस्यों, विभिन्न डेरों के संत महापुरुषों और समाज के बुद्धिजीवी नेताओं का ऑल इंडिया आदि धर्म मिशन, रजि. भारत, दिल से धन्यवाद करता है और सदा ऋणी रहेगा जिन्होंने आदि धर्म गुरु साहिबानों और रहिबरों द्वारा स्थापित आदि धर्म की उपस्थिति को कायम रखते हुए आदि धर्म के नारों को बुलंद किया और संगतों को संदेश जारी करके हमारा सार्वभौमिक धर्म "आदि धर्म" है तथा जनगणना में "आदि धर्म" लिखवाने के लिए प्रेरित किया। इन शब्दों के स्मरण करते हुए संत सतविंदर हीरा, राष्ट्रीय अध्यक्ष ऑल इंडिया आदि धर्म मिशन रजि. भारत ने समूह संत समाज के चरणों में प्रार्थना करते हुए कहा कि आइए, विचारों के मतभेद भूल कर सतगुरु रविदास महाराज जी की क्रान्तिकारी और संघर्षमयी वाणी द्वारा दर्शाए एकता, भाईचारा और समानता के संदेश को मंजिल तक पहुँचाने के लिए बेगमपुरा के मंच पर एकत्र होकर इस संघर्ष को आगे बढ़ाएँ।
संत सतविंदर हीरा ने कहा कि आदि धर्म के महान रहबर बाबू मंगू राम मुगोवालिया, बाबा साहिब डॉ. भीमराव आंबेडकर, बाबू कांशी राम ने भारत की बहु-गणक आबादी के संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति और सुरक्षा के लिए संघर्ष किया और सदियों से दमन झेलती जाति/समुदाय को समान अधिकारों सहित जीवन जीने का हक दिलाया। उन्होंने कहा कि रहबरों के संघर्ष से हमारी गौरवमयी पहचान — आदि धर्म — का नामांकन स्थापित कराया गया था जो 1931 की जनगणना के समय मौजूद था और लाखों लोगों द्वारा अपना धर्म आदि धर्म लिखा गया था। परन्तु बाद की सरकारों की नीतियों/कृत्यों के कारण यह आदि धर्म का प्रवर्ग हटा दिया गया। हमें अपनी पहचान कायम रखने और आदि धर्म का प्रवर्ग पुनः स्थापित करवाने के लिए धार्मिक, सामाजिक तथा शिक्षित बुद्धिजीवियों के सहयोग से बड़ा संघर्ष आरंभ करना चाहिए, जिसकी अगुवाई पंजाब के माननीय संत समाज को करनी चाहिए।

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