***दरबार बापू गंगा दास माहिलपुर में श्री मद भागवत कथा निरंतर जारी ****मैं तो गोवर्धन को जाऊं मेरे वीर नाय माने मेरा मनवा***श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट विराज रहयो आदि भजनों से संगतों कथा व्यास द्वारा निहाल किया
होशियारपुर/दलजीत अजनोहा
जब प्रभु और थोड़े बड़े हुए तो उन्होंने सभी बृजवासियों से कहा कि आप इंद्र की पूजा छोड़कर गिरीराज जी की पूजा करो और इंद्र अर्थात इंद्रियों की पूजा छोड़ो हम जीवन भर इंद्रियों की इच्छा पूरी करते हैं फिर भी वह संतुष्ट नहीं होती तो नंद बाबा ने सारे बृजवासियों को समझाया कि हमारे परिवार में कोई पुरानी गलत रीति चली आ रही है तो हमे सही ज्ञान होने पर उस पुरानी गलत रीति को छोड़ देना चाहिए और सारे बृजवासी अपना खाने-पीने का व पूजा का तैयार सामान और सारा कच्चा सामान लेकर गोवर्धन जी की ओर चले जो पैदल नहीं चल सके वह छक्का गाड़ियों, तांगा आदि में बैठकर गए इसलिए गिरिराज जी की परिक्रमा हम यदि पैदल नहीं कर सकते तो चाहे किसी भी वाहन पर करें पर करनी अवश्य चाहिए गिरिराज जी की प्रथम परिक्रमा भगवान श्री कृष्ण ने सभी बृजवासियों के साथ करी और वहां पर मूंग की दाल सबसे हल्का आहार से लेकर पकवान अर्थात वरिष्ठ आहार तक बनाए और गिरिराज जी को भोग लगाएं भगवान श्री कृष्ण जी ने ही गिरिराज जी का पूजन करवाया यहां पर कथा स्थल में भी गिरिराज जी को 56 भोग लगाए गए और वह प्रसाद सारी संगत में बांटा गया महाराज जी द्वारा गाए भजन***मैं तो गोवर्धन को जाऊं मेरे वीर नाय माने मेरा मनवा***श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट विराज रहयो** पर मुख्य सेवादार मनदीप सिंह बैंस,परमजीत सिंह बैंस इंस्पेक्टर,अनिल कुमार,विकी अग्निहोत्री ,रवि कुमार,विक्की, पिंकी, ईशा गर्ग मनीष एवं समिति के सारे सदस्य प्रेम में भाव विभोर होकर कथा का गुणगान कर रहे थे कथा समिति ने नगर के सभी धर्म प्रेमियों को शाम 6:00 बजे से होने वाली इस कथा में सपरिवार आमंत्रित किया है कथा के बाद सभी के लिए लंगर प्रसाद की भी व्यवस्था है
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