****आज कथा का विश्राम दिवस है* ****प्रभु ने 7 वर्ष की आयु में सात कोस के गिरिराज जी को 7 दिन और 7 रात तक अपने बाएं हाथ की छोटी उंगली पर उठाकर सारे बृजवासियों की रक्षा करी
होशियारपुर/दलजीत अजनोहा
डेरा बापू गंगादास जी माहिलपुर में बापू गंगा दास जी वेलफेयर सोसाइटी रजिस्टर्ड के तत्वाधान में शाम 6:00 बजे से चल रही श्रीमद् भागवत कथा में वृंदावन से पधारे राष्ट्रीय संत परम श्रद्धेय श्री गौरदास जी महाराज ने आज बताया की सभी बृजवासी गोवर्धन जी की पूजा करके जैसे ही घर पहुंचे तो इंद्र कुपित हो गये और तूफान व आंधी के साथ घनघोर वर्षा करी तो भगवान कृष्ण के कहने पर सारे बृजवासी फिर से गिरिराज जी की शरण में आए और प्रभु ने 7 वर्ष की आयु में सात कोस के गिरिराज जी को 7 दिन और 7 रात तक अपने बाएं हाथ की छोटी उंगली पर उठाकर सारे बृजवासियों की रक्षा करी मानो प्रभु कह रहे हो तुम अपने व्यापार, नौकरी एवं ग्रहस्थ के सारे कर्म करते हुए किसी भी संत अथवा गुरु जी से दीक्षा लेकर नियम से भजन करते रहो तो प्रभु सभी प्रकार के तापों एवं दुखों से हमारी सातों दिन रक्षा करेंगे और हमें इसी जन्म में अवश्य प्राप्त हो जाएंगे कथा को आगे बढ़ाते हुए महाराज श्री ने बताया कि हम सभी को गाय की सेवा करनी चाहिए यदि हम घर में गाय नहीं रख सकते तो घर के सदस्यों को प्रतिदिन कम से कम ₹ 10 प्रति व्यक्ति अलग से रखना चाहिए और उस पैसे से चारा या कुछ भी लेकर किसी भी गौशाला में दे देना चाहिए और साथ ही प्रत्येक परिवार को गाय का दूध ही पीना चाहिए इससे बच्चे भी स्वस्थ होंगे और गाय की भी रक्षा करने का पुण्य हम सबको प्राप्त होगा कथा के एक अन्य प्रसंग में महाराज श्री ने बताया कि रुक्मणी ने बचपन में नारद जी से भगवान कृष्ण की कथा सुनी थी और तभी से उनको अपना पति मान लिया था और जब उनका भाई दुष्ट राक्षस से रुक्मणी का विवाह करना चाहता था तो उन्होंने भगवान कृष्ण को एक पत्र लिखा जिसे *रुक्मणी प्रेम पत्रिका* कहते हैं आज भी जो कन्याए प्रतिदिन इसका पाठ करती हैं उनको मनचाहा वर मिलता है विवाह के दिन जब रुक्मणी जी गौरी पूजा करके आ रही थी द्वारकाधीश जी रुक्मणी जी की प्रार्थना पर रथ लेकर आए और रुक्मणी जी को रथ में बिठा कर द्वारकापुरी में ले आए बाद में रुक्मणी जी के माता-पिता भी द्वारका पुरी में आ गए और उन्होंने विधि विधान से रुक्मणी जी का कन्यादान किया यहां कथा स्थल में भी आज रुक्मणी जी का विवाह बड़ी धूमधाम से बैंड बाजों सहित मनाया गया और शोभा यात्रा भी निकाली गई महाराज जी द्वारा गाए भजन*** *द्वारे मेरे वंशी कौन बजाये* **** *प्रभु जी मेरे ले गए रुक्मणी हर के* पर मुख्य सेवादार मनदीप सिंह, विकी, फगवाड़ा से दीपक सचदेवा, पारस, ईशा गर्ग, मंजू, मनीष, तिलक राज एवं वेलफेयर सोसाइटी के सभी सदस्य प्रेम में भाव विभोर हो कर नृत्य कर रहे थे कथा समिति ने शाम 6:00 बजे से होने वाली आज इस कथा के अंतिम दिवस पर नगर के सभी धर्म प्रेमियों को सपरिवार आमंत्रित किया है कथा के बाद सभी के लिए लंगर प्रसाद की व्यवस्था भी है
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