पंजाब सरकार की नीतियों से जनता निराश, प्रदेश पुलिस स्टेट बनता जा रहा है : एडवोकेट पलविंदर सिंह घुम्मण



होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा 
 होशियारपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता एडवोकेट पलविंदर सिंह घुम्मण ने पंजाब सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और पंजाब धीरे-धीरे एक "पुलिस स्टेट" का रूप लेता जा रहा है।

मीडिया से बातचीत करते हुए एडवोकेट घुम्मण ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था आज सबसे बड़ा मुद्दा बन चुकी है। अपराध, गैंगवार, नशा तस्करी, लूटपाट और अन्य आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिससे आम जनता में भय और असुरक्षा का माहौल है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध खनन (इलीगल माइनिंग) एक गंभीर समस्या बना हुआ है। सरकार द्वारा इसे रोकने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन को रोकने में सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।

एडवोकेट घुम्मण ने कहा कि वर्तमान सरकार जनकल्याण के कार्यों की बजाय विज्ञापन और प्रचार पर अधिक ध्यान दे रही है। जनता के टैक्स के पैसे का बड़े पैमाने पर सरकार के प्रचार-प्रसार पर खर्च किया जा रहा है, जबकि लोगों की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा।

उन्होंने पंजाब सरकार के कर्मचारियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारी पिछले तीन वर्षों से अपने बकाया महंगाई भत्ते (डीए) की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने के दावे करने वाली सरकार अपने ही कर्मचारियों के साथ किए गए वादे पूरे करने में असफल रही है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि पंजाब पर कर्ज का बोझ लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच चुका है, जो राज्य के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता के दावे करने वाली सरकार लगातार कर्ज बढ़ा रही है।

एडवोकेट घुम्मण ने कहा कि आम आदमी पार्टी सत्ता में आने से पहले वीआईपी संस्कृति को समाप्त करने का वादा करती थी, लेकिन आज स्थिति यह है कि सरकार के कई मंत्री और नेता पहले की सरकारों से भी अधिक वीवीआईपी संस्कृति अपना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, उद्योगों की धीमी रफ्तार, युवाओं का विदेशों की ओर पलायन, नशे की बढ़ती समस्या तथा बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों पर सरकार गंभीरता से काम नहीं कर रही है।

एडवोकेट पलविंदर सिंह घुम्मण ने पंजाब सरकार से आग्रह किया कि वह विज्ञापन आधारित राजनीति से बाहर निकलकर कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार सृजन, कर्मचारियों के लंबित मामलों का समाधान करने तथा राज्य की आर्थिक स्थिति को सुधारने पर ध्यान दे।

उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता को अब नारों और प्रचार नहीं, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता और वास्तविक विकास की आवश्यकता है।

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