वन विभाग ने हरियाली पैदा करने की जगह अवैध कब्जों पर लोगों को छोड़ दिया; मकानियों का कचरा और घरों का वेस्ट फैल रहा/ धीमान***हरियाली की जगह वन विभाग की लापरवाहियों के कारण कचरा फैल रहा है, पर्यावरण के लिए नुकसानदेह/धीमान
होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा
वन विभाग के कार्यालय के पास उच्च अधिकारियों की मिलीभगत और गंभीर लापरवाहियों के कारण हरे पेड़ों की जगह कचरा फैल रहा है और नहर के पानी तथा वातावरण प्रभावित हो रहा है — विभागीय उदासीनता के खिलाफ लेबर पार्टी के प्रधान जय गोपाल धीमान, परवीन कुमार, जसविंदर कुमार और शाम लाल ने कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह सब कुछ उसी विभाग के नके नीचे हो रहा है, जिनका काम पेड़ों की मौजूदगी को बनाए रखना होता है, और नियमों के अनुसार नहर से 100 मीटर के दायरे के भीतर किसी भी स्थिति में कचरा नहीं फेंका जा सकता। धीमान ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्त हिदायतें हैं कि नहर के पास, सड़कों के किनारे और पेड़ों वाली जगहों पर घरों का कचरा और निर्माण सामग्री किसी भी हालत में डंप नहीं की जा सकती। पर दुख की बात यह है कि वन विभाग के कुछ अधिकारी इन गलतियों और गैरकानूनी कामों को अपने दफ्तर के पास ही डंप करने की अनुमति दे रहे हैं, जहां बहुत बड़ी संख्या में पेड़ लगाए जा सकते थे। कितनी हैरानी की बात है कि वन विभाग लोगों को नियम पालन के निर्देश देता है और खुद उन नियमों का उल्लंघन कर रहा है। यह कचरा वातावरण की सेहत के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य और आस-पास की फसलों व फलदार पेड़ों के लिए भी घातक है। बड़ी दुख की बात है कि यह सब कुछ कार्यालय के पास ही हो रहा है; इसके अलावा वन विभाग के स्थान पर बदबूदार सीवरेज पानी भी खड़ा रहता है जो पेड़ों को भारी नुकसान पहुँचा रहा है। धीमान ने कहा कि वन विभाग की इन लापरवाहियों के चलते सीब सतलुज नहर के किनारे हरी-भरी जमीन तेजी से उजड़ रही है। कई क्षेत्रों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। विभाग इतना जंगली व्यवहार कर रहा है कि अपने ही क्षेत्र का ध्यान नहीं रख रहा; वह अपनी जगह पर नाममात्र की सफाई करवा कर बुरझियाँ (बाड़) लगवा कर पेड़ भी लगवा रहा है। सरकारें और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल बार-बार पेड़ों की कमी को लेकर चेतावनी दे रहे हैं, पर वन विभाग पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा। अगर वन विभाग चाहे तो नहर के आसपास लाखों पेड़ लगा कर इस इलाके को 40 किलोमीटर तक हरा-भरा बना सकता है। एक समय था जब नहर के आसपास लहरों-सी हरियाली होती थी। पर अब वन विभाग के आशिर्वाद (अनुमोदन) से कई कब्जे देखे जा रहे हैं और लोग कब्जा कर के व्यापार भी करते दिखते हैं।
धीमान ने कहा कि पंजाब में और नहरों के आस-पास हरियाली घटने के कारण पंजाब भी गर्मी की मार झेल रहा है। तापमान बढ़ने का असली कारण पेड़ों की भारी कमी, जंगलों के क्षेत्र का घटन और विभाग में फैली हुई भ्रष्टाचार है। करोड़ों रुपए विभाग को मिल रहे हैं पर राजनीतिक दखलअंदाजी के कारण सब नष्ट होते जा रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों के स्वार्थ के कारण पंजाब को पिछले 50 वर्षों में भारी नुकसान हुआ है। धीमान ने नहर के किनारे फेंके गए सभी कचरे के बारे में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को भी पत्र लिखकर कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि पेड़ों वाली जगह से कचरा हटाया जा सके।
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