ई-वेस्ट संग्रहण अभियान के अंतर्गत 1500 किलोग्राम इलेक्ट्रॉनिक कचरा वैज्ञानिक रिसाइक्लिंग हेतु भेजा गया: आशिका जैन31 निजी स्कूलों, सामाजिक संस्थाओं और जागरूक नागरिकों के सहयोग से चला अभियानउत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को डिप्टी कमिश्नर ने किया सम्मानित



होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा 
विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर जिला प्रशासन, रेडक्रॉस सोसायटी तथा बियॉन्ड द “आई” ट्रस्ट फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से चलाए गए जिला स्तरीय ई-वेस्ट कलेक्शन अभियान के तहत लगभग 1500 किलोग्राम इलेक्ट्रॉनिक कचरा एकत्रित कर अधिकृत रिसाइक्लर को वैज्ञानिक तरीके से रिसाइक्लिंग के लिए भेजा गया।
इस अवसर पर आयोजित समारोह में डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि बियॉन्ड द “आई” ट्रस्ट फाउंडेशन और जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा ‘चढ़दा सूरज’ अभियान के अंतर्गत ई-वेस्ट प्रबंधन को लेकर एक अत्यंत सराहनीय पहल की गई है। उन्होंने बताया कि मात्र 15 दिनों में स्कूलों, गैर-सरकारी संगठनों तथा जागरूक नागरिकों के सहयोग से लगभग डेढ़ टन ई-वेस्ट एकत्रित किया गया, जिसे अब वैज्ञानिक तरीके से रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जा रहा है।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि यह पहल न केवल ई-वेस्ट प्रबंधन को बेहतर और वैज्ञानिक बनाने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि बच्चों और नागरिकों में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित निपटान के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि ई-वेस्ट की आर्थिक उपयोगिता भी होती है और यदि इसे अधिकृत रिसाइक्लरों तक पहुंचाया जाए तो यह पुनः उपयोग में लाकर अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देता है।
आशिका जैन ने कहा कि यह कोई एक बार का अभियान नहीं है, बल्कि इसे भविष्य में भी लगातार जारी रखा जाएगा। उन्होंने स्कूलों, सामाजिक संस्थाओं, एनजीओ और जागरूक नागरिकों को इस जनहितकारी अभियान में सहयोग देने के लिए बधाई दी तथा लोगों से घरों में ठोस कचरा प्रबंधन अपनाने और विभिन्न प्रकार के कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन इस्तेमाल करने की अपील की।
उन्होंने बियॉन्ड द “आई” ट्रस्ट फाउंडेशन के प्रयासों की विशेष सराहना करते हुए जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव मंगेश सूद तथा संयुक्त सचिव आदित्य राणा द्वारा अभियान को सफल बनाने में निभाई गई भूमिका की भी प्रशंसा की।
बियॉन्ड द “आई” ट्रस्ट फाउंडेशन की संस्थापक मनवीर सिंह के निवास पर आयोजित विशेष समारोह में ‘चढ़दा सूरज’ अभियान के तहत संचालित जिला ई-वेस्ट संग्रहण अभियान की सफलता को सभी भागीदारों के साथ साझा किया गया तथा इसमें योगदान देने वाले संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक निपटान के प्रति जागरूकता पैदा करना था। इसके तहत छात्रों को अपने घरों में पड़े अनुपयोगी अथवा खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण स्कूलों में जमा करवाने के लिए प्रेरित किया गया। बाद में रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा यह ई-वेस्ट एकत्रित कर अधिकृत रिसाइक्लिंग केंद्र, लुधियाना भेजा गया।
समारोह में जिले के 18 स्कूलों के प्रिंसिपलों एवं प्रतिनिधियों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे। अभियान में जिले के 31 निजी स्कूलों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
अभियान के दौरान ई-वेस्ट के वैज्ञानिक निपटान के प्रति जागरूकता दिखाते हुए स्वेच्छा से अपना इलेक्ट्रॉनिक कचरा जमा करवाने वाले नागरिकों को भी सम्मानित किया गया। इनमें गुरसिमरन अस्पताल के संचालक डॉ. संदीप सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डी.वी. सलवान तथा समाजसेविका नाज़म रियाड़ प्रमुख रूप से शामिल रहे।
ई-वेस्ट संग्रहण अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले छह स्कूलों को गिफ्ट हैम्पर एवं प्रशंसा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें विद्या मंदिर स्कूल, होशियारपुर, एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल, चौधरी बलबीर सिंह स्कूल, डीएवी मॉडल स्कूल, पट्टी, गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल तथा पंडोरी खजूर स्कूल शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त सत्य साई विद्या निकेतन स्कूल, टॉडलर्स होम स्कूल, होशियारपुर सहित सभी सहभागी स्कूलों को भी अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी के लिए प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में बियॉन्ड द “आई” ट्रस्ट फाउंडेशन की संस्थापक मनवीर सिंह, चार्टर्ड अकाउंटेंट, नैन्सी सिंह, मास्टरमाइंड इंस्टीट्यूट के प्रमुख एवं संस्कारी स्टूडेंट्स एनजीओ के संस्थापक मनी गोगिया भी विशेष रूप से मौजूद थे।

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