लू (हीट वेव) को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, बढ़ेगा खतरा — डॉ. मनदीप कमल****बच्चों, बुजुर्गों और मजदूरों को विशेष सावधानी बरतने की अपील**
होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा
मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में तापमान में लगातार वृद्धि की संभावना को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग होशियारपुर द्वारा हीट वेव (लू) और गर्मी से बचाव के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। इस बार गर्मी के शुरुआती मौसम में ही तापमान में तेज वृद्धि देखने को मिल रही है, जिसके कारण लोगों को पहले से ही सतर्क रहने की आवश्यकता है।
सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. मनदीप कमल ने जानकारी देते हुए बताया कि जब वातावरण का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाता है, तो उसे हीट वेव की स्थिति माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह उच्च तापमान शरीर के तापमान नियंत्रण तंत्र को प्रभावित करता है और गर्मी से संबंधित गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि मई और जून के महीनों में लू चलने की संभावना अधिक रहती है, इसलिए आम लोगों के साथ-साथ संवेदनशील वर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि उच्च तापमान से होने वाली सबसे गंभीर बीमारी लू लगना है। लू लगने के लक्षणों में शरीर का तापमान 40°C से अधिक होना, चक्कर आना, बेहोशी या भ्रम की स्थिति, त्वचा का सूखा और लाल होना, तेज सिरदर्द, उल्टी आना, दिल की धड़कन तेज होना, सांस लेने में दिक्कत और मांसपेशियों में कमजोरी जैसे लक्षण शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्था से संपर्क किया जाए।
सिविल सर्जन ने कहा कि ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाया जाए, कपड़े ढीले किए जाएं, गीले तौलिए या कपड़े शरीर पर रखे जाएं और पंखे से हवा दी जाए। यदि मरीज होश में है तो उसे थोड़ा-थोड़ा ठंडा पानी पिलाया जाए। शरीर पर बर्फ या आइस पैक रखा जाए और बिना देरी किए मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाए। यदि संभव हो तो मरीज को ए.सी. वाहन में ही अस्पताल ले जाया जाए, क्योंकि इलाज में देरी होने से स्थिति जोखिमपूर्ण हो सकती है।
उन्होंने यह भी अपील की कि लू से बचाव के लिए शरीर में पानी की कमी न होने दी जाए। गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पानी पीते रहें। मीठा और नमक युक्त नींबू पानी, लस्सी, ओ.आर.एस., नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ शरीर में पानी की उचित मात्रा बनाए रखने में सहायक हैं।
### *इन लोगों को अधिक खतरा*
नवजात और छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, मजदूर, मोटापे से पीड़ित व्यक्ति, मानसिक रोगी तथा हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अनियंत्रित मधुमेह, गुर्दे या लीवर की बीमारी से पीड़ित मरीज या अधिक शराब पीने वाले लोग लू के अधिक खतरे में रहते हैं। धूप में लंबे समय तक काम करने वाले लोगों और खिलाड़ियों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
### *क्या न करें*
* दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर जाने से बचें।
* अत्यधिक गर्मी के समय रसोई में लंबे समय तक खाना बनाने से बचें और रसोई में हवा के आने-जाने की उचित व्यवस्था रखें।
* शराब, चाय, कॉफी, कार्बोनेटेड और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों का अधिक सेवन न करें, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी कर सकते हैं।
* तला-भुना भोजन न खाएं।
* लंबे समय तक धूप में खड़े वाहन में बैठते समय सावधानी बरतें। बच्चों, बुजुर्गों या पालतू जानवरों को बंद खड़ी गाड़ी में कभी भी न छोड़ें।
* ठंडी जगह से अचानक तेज गर्मी में न निकलें और बहुत ठंडा पानी तुरंत न पिएं।
### *क्या करें*
* हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें, जो शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।
* सिर को कपड़े, टोपी, छतरी, तौलिया, पगड़ी या दुपट्टे से ढककर रखें, ताकि सीधी धूप से बचा जा सके।
* बाहर जाते समय अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें और समय-समय पर पानी पीते रहें।
* नींबू पानी, लस्सी, नारियल पानी, छाछ और ओ.आर.एस. जैसे तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं।
* तरबूज, संतरा, अंगूर, खीरा, टमाटर और अन्य मौसमी फल एवं सब्जियां अधिक खाएं, क्योंकि इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है।
* धूप में काम करते समय थोड़ी-थोड़ी देर बाद छांव में आराम करें और शरीर को ठंडा रखें।
* धूप में निकलते समय सनस्क्रीन और गहरे रंग के चश्मे का उपयोग करें।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों से अपील की गई है कि जारी की गई एडवाइजरी का पालन करें और अपने साथ-साथ अपने परिवार को भी लू से सुरक्षित रखें। लोगों को किसी भी प्रकार के गंभीर लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
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