होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा
जिला स्तर पर जन उपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के त्वरित, सस्ते एवं प्रभावी समाधान के लिए स्थायी लोक अदालत (जन उपयोगी सेवाएं) का गठन कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 22-बी तथा कानूनी सेवा प्राधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2002 के तहत किया गया है। यह जानकारी देते हुए सीजेएम-कम-सचिव ज़िला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी नीरज गोयल ने बताया गया कि स्थायी लोक अदालत में एक चेयरमैन एवं दो सदस्य होते हैं, जो न्यायालयों में लंबित न होने वाले प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा करते हैं।
स्थायी लोक अदालत में परिवहन, डाक, टेलीग्राफ या टेलीफोन सेवाएं, बिजली, जल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता, अस्पताल एवं डिस्पेंसरी सेवाएं, बीमा, बैंकिंग, आवास, वित्तीय सेवाएं तथा शिक्षा से संबंधित मामलों की सुनवाई की जाती है। इसके अतिरिक्त एलपीजी गैस कनेक्शन, गैस आपूर्ति एवं रीफिलिंग, आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बी.एल. कार्ड जारी करने से जुड़े मामले, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, शगुन योजना, बेरोजगारी भत्ता, सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संबंधी विवाद भी यहां प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
सचिव ज़िला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी ने बताया कि ऐसे सभी विवाद, शिकायतें एवं मामले जो किसी न्यायालय में लंबित नहीं हैं, उन्हें साधारण कागज पर आवेदन लिखकर स्थायी लोक अदालत (जन उपयोगी सेवाएं) के चेयरमैन के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। इस अदालत में एक करोड़ रुपए तक की राशि से संबंधित विवादों की सुनवाई एवं निपटारा किया जा सकता है।
आम जनता से अपील की गई है कि उपरोक्त श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले मामलों के समाधान के लिए स्थायी लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। यहां मामलों का निपटारा शीघ्र एवं कम खर्च में किया जाता है। स्थायी लोक अदालत के निर्णय को दीवानी न्यायालय की डिक्री के समान मान्यता प्राप्त है। इसके अलावा मामला दायर करने के लिए किसी प्रकार की कोर्ट फीस नहीं देनी पड़ती तथा इसके निर्णय के विरुद्ध कोई अपील भी नहीं की जा सकती।
स्थायी लोक अदालत जनसाधारण को सुलभ, त्वरित एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
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