माहिलपुर/दलजीत अज्नोहा
वास्तु शास्त्र में दिशा,पंच तत्व,द्वार,भवन की प्रत्येक ईकाई,आंतरिक साज सज्जा,भवन का आकार,ढलान,पेड़ पौधे,बाहरी शूल,चार दीवारों के अलावा रंग का भी विशेष महत्व होता है ग़लत रंग जीवन को बेरंग कर देता है ऐसा मानना है अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वास्तुविद एवं लेखक डॉ भूपेन्द्र वास्तुशास्त्री का । आवासीय ईकाई में रंगों के चयन को ध्यान में रखकर हम हमारे भवन की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकते हैं इसके लिए सर्व मान्य रंग हल्का सफेद,क्रीम,सिल्वर होता है जो भवन के अंदर बाहर कर सकते हैं ।ईशान कोण में हल्का आसमानी,जलधारा दृश्य ,पूर्व दिशा कॉपर,आग्नेय हल्का गुलाबी ,प्याजी एवं पर्ल,दक्षिण दिशा में गाजरी ,गेहुआँ खुरदरा,मेट फिनिश,मटमैला,नेरीत्य कोण में सुनहरा पीला एवं गोल्डन,पश्चिम में ग्रे,हल्का बैंगनी ,वायव्य में लाइट ग्रे एवं दूधिया,उतर दिशा में हल्का हरा या सफेद चिकनाई युक्त रंग वास्तु में शुभ ओर सकारात्मक प्रभाव देते है ।उपरोक्त रंगों का सही चयन करके वास्तु दोषों के प्रभावों में कमी की जा सकती है!
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