केंद्र और पंजाब सरकारों को राजनीति से ऊपर उठकर लोगों के हित में मिलकर काम करना चाहिए-टोनी बोले-पैट्रोल,डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर गंभीर चिंता का विषय
माहिलपुर/दलजीत अज्नोहा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी के कारण भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम काफी बढ़ चुके हैं।हाल ही में ईंधन की कीमतों में हुई ताबड़तोड़ बढ़ोतरी से माल भाड़ा और उत्पादन लागत महंगी हो गई है,जिसकी सीधी मार आम जनता की जेब पर पड़ रही है और रोजमर्रा की चीजें महंगी हो गई हैं।यह बात शिरोमणि अकाली दल वपार विंग के प्रदेश महासचिव धरमिंदर कुमार टोनी ने एक प्रेस बयान जारी कर कही।टोनी ने पैट्रोल,डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि आम लोग पहले ही बैमीसाल महंगाई और घरेलू खचों के बढ़ते बोझ तले दबे हुए हैं।टोनी ने कहा कि यदि किसी पैट्रोलियम उत्पाद की कीमत में 5 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि होती है तो केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर यह बोझ उठाना चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके।उन्होंने कहा कि उदाहरण के तौर पर केंद्र सरकार 2.50 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटा सकती है,जबकि पंजाब सरकार 2.50 रुपए प्रति लीटर वैट कम कर सकती है,जिससे उपभोक्ताओं को कुल 5 रुपए प्रति लीटर की राहत मिलेगी।इस तरह की संयुक्त कार्रवाई से किसानों,ट्रांसपोर्टरों,व्यापारियों,कर्मचारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा,जो बढ़ती ईंधन कीमतों से काफी प्रभावित हैं।उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने से अपने आप ही जरूरी वस्तुओं,परिवहन खर्च,सब्जियों,खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की कीमतों में भी वृद्धि हो जाती है,जिससे आम लोगों का जीवन मुश्किल हो जाता प्रति है।उन्होंने कहा कि पंजाब में पैट्रोल की कीमत लगभग 96-97 रुपए लीटर और डीजल की कीमत 86 87 रुपए प्रति लीटर के आसपास है, जबकि पिछले कुछ महीनों के दौरान सीएनजी की कीमतें भी काफी ऊंची रही हैं।टोनी ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह आगे आकर पैट्रोलियम उत्पादों पर बढ़ी हुई एक्साइज ड्यूटी का बोझ अपने ऊपर लेकर लोगों को तुरंत राहत प्रदान करे।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2025 में पैट्रोल और डीजल एक्साइज ड्यूटी में 2 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की थी और इस तरह के पर बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है।उन्होंने कहा कि जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटती हैं तो उस का पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंचाया जाता क्योंकि टैक्स और ड्यूटी बढ़ा दी जाती हैं,जबकि जब अंतर्राष्ट्रीय कीमतें बढ़ती हैं तो उसका बोझ तुरंत उपभोक्ताओं पर डाल दिया जाता है।यह नीति आम लोगों के साथ न्यायसंगत नहीं है। टोनी ने पंजाब सरकार से भी अपील की कि वह केवल केंद्र सरकार की आलोचना करने के बजाय पंजाब के लोगों को सीधी राहत देने के लिए पैट्रोल और डीजल पर वैट कम करे।उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए वैट में बढ़ोतरी का बोझ अपने ऊपर लेना चाहिए ताकि लोगों के लिए ईंधन की कीमतें कम हो सकें।केंद्र और पंजाब सरकारों को राजनीति से ऊपर उठकर लोगों के हित में मिलकर काम करना चाहिए,खासकर उस समय जब महंगाई ने घरेलू बजट और क्रय शक्ति को गंभीर रूप से प्रभावित किया हुआ है।टोनी ने मांग की कि तेल पर लग रही एक्साइज ड्यूटी और वैट ढांचे की तुरंत समीक्षा की जाए ताकि देशभर और खासकर पंजाब के लोगों को वास्तविक राहत प्रदान की जा सके।
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