2 जून को मोहाली में अध्‍यापकों और शिक्षा-विरोधी नीतियों के खिलाफ रोष रैली


माहिलपुर/दलजीत अजनोहा — गवर्मेंट टीचर्स यूनियन के जिला नेताओं नरिंदर अजनोहा, परमजीत कातिब और उंकार सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार अध्‍यापकों पर कई प्रकार की गैर-शैक्षिक ड्यूटी थोपकर उन्हें परेशान कर रही है। नेताओं ने बताया कि अध्‍यापकों को बीमा कार्ड योजना, ड्रग्स सेंसेस, बी.एल.ओ., चुनाव ड्यूटी, एस.आई.आर. का काम, पराली जलाने सम्बंधी ड्यूटी, सेंसेस और स्कूलों में मिशन समृध्दि, चानण-रिश्मां, डिटॉल प्रोजेक्ट आदि जैसी कई तरह की गैर-शैक्षिक परियोजनाएँ चलाने को कहा जा रहा है, जिससे उनका मानसिक तनाव बढ़ रहा है। वहीं, शिक्षा विभाग इस सब को देख कर मौन दर्शक बना हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग में प्रमोशन नहीं होने के कारण प्रबंधकीय पद खाली हैं और स्कूलों का कार्य सामान्य रूप से नहीं चल पा रहा। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाल करने, केंद्रीय वेतनमान (जुलाई 2020) से संबंधित पत्र व 2015 की परख काल संबंधी पत्र को रद्द करने, रिकास्ट के तहत अध्‍यापकों को परेशान करना बंद करने, सभी अध्‍यापकों को तबादले का अवसर देने तथा अन्य न्यायसंगत मांगों की पूर्ति करने की माँग उठाई है।
इन मांगों व नाराज़गी को लेकर 2 जून को मोहाली के विद्या भवन के समक्ष जोरदार रोष रैली व प्रदर्शन किया जा रहा है। जी.टी.यू. के नेताओं ने समस्त अध्‍यापकों से अपील की है कि इस रोष प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल हों।
इस अवसर पर जसविंदर सिंह, अजे कुमार, पवन कुमार, हरीश पुरी, मनजिंदर सिंह, उंकार तनूली, संदीप कुमार, सुरजीत सिंह, मखन सिंह, हरमनोज़ कुमार, इंद्रजीत सिंह, मनजिंदर कुमार, पवनवीर सिंह, अशोक कुमार, जसविंदर सिंह, भूपिंदर सिंह, बलजीत सिंह, गुरमन सिंह, हरविंदर सिंह आदि उपस्थित थे।

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