पंजाब सरकार तुरंत कर्मचारियों का बकाया जारी करे”: संजीव कुमार ने डीए भुगतान में देरी पर उठाए सवाल


होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा 
पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ता (DA) को लेकर मामला गंभीर होता जा रहा है। कर्मचारी संगठनों के अनुसार करीब 16% डीए पिछले कई वर्षों से बकाया है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष पाया जा रहा है।
इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि 30 जून 2026 तक सभी कर्मचारियों, बोर्डों, निगमों और पेंशनरों को बकाया डीए का भुगतान किया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश की अवहेलना होने पर 2 जुलाई 2026 को अगली सुनवाई के दौरान अवमानना की कार्यवाही की जा सकती है।
दूसरी ओर, खबरें यह भी सामने आ रही हैं कि पंजाब सरकार इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में रिव्यू याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है। इस कदम को कर्मचारी वर्ग द्वारा नकारात्मक और टालमटोल वाली नीति के रूप में देखा जा रहा है।
इस मुद्दे पर होशियारपुर जिले के पंजाब सरकार ऐडेड अध्यापक एवम् कर्मचारी यूनियन के उपाध्यक्ष, प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं समाजसेवी संजीव कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को कर्मचारियों के बकाया तुरंत जारी करने चाहिए। उन्होंने कहा कि डीए कर्मचारियों का वैध अधिकार है, जिसे और अधिक समय तक रोका नहीं जाना चाहिए।
संजीव कुमार ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ सरकार मुफ्त योजनाओं और विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, जबकि दूसरी ओर कर्मचारियों के हक को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब की जनता वर्तमान स्थिति से भली-भांति परिचित है और इसका असर आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकता है।
उन्होंने न्यायपालिका, विशेष रूप से सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया से अपील की कि चुनावों के दौरान घोषित की जाने वाली मुफ्त योजनाओं पर नियंत्रण किया जाए, क्योंकि यह लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।
अंत में, कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय सीमा के भीतर उनका बकाया जारी नहीं किया गया तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे, जिसका प्रभाव राज्य की राजनीति पर भी पड़ सकता है।

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