यदि तुम्हें संसार के विष रूपी कड़वे वचन भी सुनने को मिलें, तो उन्हें हृदय में न उतारो, बल्कि गले में ही रोक लो/साध्वी सुश्री वैष्णवी भारती


होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा 
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा रोशन ग्राउंड होशियारपुर में 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक चल रही श्रीमद् भागवत साप्ताहिक कथा ज्ञानयज्ञ के चौथे दिन में सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या विश्व विख्यात भागवत भास्कर साध्वी सुश्री वैष्णवी भारती जी ने समुद्र मंथन प्रसंग का व्याख्यान किया। मंथन देवताओं तथा दैत्यों द्वारा किया गया। भगवान विष्णु जी के कथनानुसार सागर से बहुत से रत्नों की प्राप्ति होगी, जिनमें से अमृत भी एक है, जिसका पान कर अमरत्व प्राप्त किया जा सकता है। सागर के गर्भ से प्रथम रत्न के रूप में विष बाहर निकला, जो सभी दिशाओं में फैलने लगा। देवताओं ने देवों के देव महादेव से प्रार्थना की। भोलेनाथ ने सृष्टि के कल्याण हेतु विषपान किया, परंतु उसे कंठ में ही रोक लिया। इसी कारण उनका एक नाम ‘नीलकंठ’ पड़ा। प्रभु ने हमें शिक्षा दी कि यदि तुम्हें संसार के विष रूपी कड़वे वचन भी सुनने को मिलें, तो उन्हें हृदय में न उतारो, बल्कि गले में ही रोक लो। इस प्रकार जीवन में सुखी रहा जा सकता है। लक्ष्मी जी समुद्र से प्रकट होकर श्रीनारायण को वर रूप में स्वीकार करती हैं। इससे हमें यह शिक्षा मिलती है कि नारायण को पाने का प्रयास करो, लक्ष्मी स्वयं तुम्हारे पीछे आएगी। मंथन से घोड़ा, पारिजात वृक्ष, अप्सराएं, कामधेनु गाय, रथ, तरकस, बाण तथा अमृत आदि निकले, जिन्हें देवताओं और दानवों ने आपस में बांट लिया। उन्होंने प्रभु के अवतारवाद के विषय में बताया कि बलराम जी प्रभु की लीला में सहयोग करने के लिए पृथ्वी पर उनसे पहले आते हैं। हमारे शास्त्रों में बलराम जी को हाथ में हल लिए हुए दर्शाया गया है। उन्हें किसानों का देवता भी कहा गया है। वे हमें जैविक खेती के लिए प्रेरित करते हैं। जैविक खेती पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इसमें रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता, बल्कि गाय के गोबर व गोमूत्र से प्राकृतिक खाद तैयार की जाती है। यह कम खर्च में तैयार हो जाती है और किसान की आय में भी वृद्धि करती है। फिर उन्होंने बताया कि प्रभु धर्म की रक्षा हेतु प्रत्येक युग में अवतार लेते हैं। भक्तों का कल्याण करने तथा दुष्टों का विनाश करने के लिए वे हर युग में अवतरित होते हैं। द्वापर युग में कंस के अत्याचारों का अंत करने के लिए प्रभु पृथ्वी पर आए। उन्होंने गोकुलवासियों के जीवन को उत्सव बना दिया। कथा के माध्यम से नंद महोत्सव की झलक देखने को मिली। साध्वी और स्वामीजनों ने मिलकर प्रभु के आगमन की प्रसन्नता में बधावा गाया। आज गोकुल के उत्सव को देखने का अवसर सभी को प्राप्त हुआ।
कथा की शुरुआत मुख्य यजमान मनीष गुप्ता ( बिल्ला ब्रिक्स), कुशा गुप्ता,राहुल गुप्ता ,ओर दैनिक यजमान गौरव गुप्ता,रीती गुप्ता,प्रवीण पब्बी,बबली पब्बी,मयंक सूद,अनु सूद,मनोज कपूर ट्रिपल एम,राजीव महाजन,मोनिका महाजन,सतीश गुप्ता, दिनेश कौशल,योगेश चंद्र,हीना,दीपक मेंहदीरत्ता ,अलका,जी परिवार सहित भागवत पूजन कर की।
कथा में विशेष रूप में जसपाल सिंह चैची( जिला प्रधान आम आदमी पार्टी,चेयरमैन मार्केट कमेटी, मेंबर्स गौ कमीशन ),संदीप सैनी ( स्टेट ज्वाइंट सेकेट्री ओर चेयरमैन पंजाब बैकवर्ड क्लास लैंड डेवियोपलमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन)अजय वर्मा ( प्रधान स्वर्ण संघ),परमिंदर ( पासपोर्ट ऑफिसर)हरीश आनंद,हरीश जैरथ,राजीव सिंगला,संजीव सिंगला,दिनेश कौशल,अंकित ,पार्षद विजय कुमार अग्रवाल,जगदीश अग्रवाल,अजीत जे टी ओ,गुरजिंदर कौर,हरजोत कौर,राकेश भारद्वाज,रमेश ( R .K lenhga), पवन शर्मा,विकास शर्मा,अमित गुप्ता,पुनीत कुमार मानसा,हैप्पी,बलवीर सिंह,जसपाल जोशी,विजय कुमार,मधु सुदन कालिया,पुनीत गुप्ता, रैंसी गुप्ता,अमीर चंद,मीनू गुप्ता,अनूप कुमार,ज्योति शर्मा,कमलेश,अंजू शर्मा,अंजली,राजन,गुरिंदर सिंह,जीवन ज्योति,संयोगिता ,संजीव सूद,नम्रता सूद,तिलक राज मेहता,अंजना कुमारी, अमनिंदर मिश्रा,दिनेश अदिति,विजय शर्मा,बिमलेश शर्मा,सुरिंदर कुमार, मंगद गुप्ता,दीपक गुप्ता,पंडित वेद प्रकाश,सुरजीत सिंह ,इंदु ठाकुर,अशोक शर्मा,पंडित सुरिंदर शर्मा,मदन लाल,अनीता शर्मा,आशा रानी,शहर के गणमान्य लोग उपस्थित थे।
अंत में अरोड़ा महासभा के सभी सदस्यों ने मंच पर जाकर कथा व्यास ओर उनकी सारी टीम की सम्मानित किया।-

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