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माहिलपुर/दलजीत अज्नोहा
अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु में स्वित्री अंबेडकर कल्चरल क्लब द्वारा आयोजित फूले-अंबेडकर स्मृति सप्ताह कार्यक्रम में, कार्यालय भाषा विभाग, होशियारपुर में बतौर शोध अधिकारी कार्यरत डॉ. जसवंत राय को बहुजन नायकों के आंदोलनों पर किए गए उनके शोधपरक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनका “बाबू मंगू राम मुगोवालिया का पंजाब में आदि धर्म आंदोलन और इसका अंबेडकर आंदोलन में योगदान” विषय पर मुख्य भाषण भी आयोजित किया गया।
समूचे कार्यक्रम का संयोजन डॉ. के. कल्याणी, प्रोफेसर, अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु ने किया। डॉ. राय ने कहा कि ग़दरी योद्धा और आदि धर्म के संस्थापक बाबू मंगू राम मुगोवालिया ने बाबा साहब की तरह अत्याचार सहकर प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। वे अमेरिका गए और ग़दर पार्टी में शामिल हो गए। अपने देश को आज़ाद कराने के लिए अमेरिका से हथियारों का जहाज़ भरकर भारत लाते समय वे गिरफ्तार हुए। वे दो बार फाँसी की सज़ा से बचे। सोलह वर्ष ग़दर पार्टी में कार्य करने के बाद वे भारत आए। यहाँ आकर हाशिए पर खड़े लोगों को सामाजिक गुलामी से मुक्त कराने के लिए उन्होंने 11-12 जून 1926 को आदि धर्म की स्थापना की। अब जब इस आदि धर्म मिशन की 100वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है, तो बाबू मंगू राम के संघर्ष और उनके द्वारा स्थापित आदि धर्म आंदोलन की उपलब्धियों का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। बाबू मंगू राम मुगोवालिया को पंजाब का अंबेडकर भी कहा जाता है।
डॉ. जसवंत राय द्वारा रखे गए विचारों पर उपस्थित विद्यार्थियों और प्रोफेसरों के प्रश्नों पर लगभग एक घंटे तक संवाद हुआ। अच्छी बात यह रही कि ग्रेजुएशन और मास्टर्स कर रहे देश भर के विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए तीखे प्रश्नों से यह स्पष्ट था कि इंटरनेट के युग में जब हम विद्यार्थियों पर यह आरोप लगाते हैं कि वे पढ़ते नहीं, तब इस विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की साहित्यिक और ऐतिहासिक समझ देखकर गर्व महसूस हुआ।
कार्यक्रम का समापन करते हुए डॉ. के. कल्याणी ने कहा कि बहुविध सामाजिक और साहित्यिक आयोजनों का केंद्र मानी जाने वाली एपीयू में पंजाब के एक बहुत बड़े जुझारू नेता के हाशिए पर पड़े लोगों के लिए आंदोलन के बारे में नई जानकारी सुनने-पढ़ने को मिली है। भविष्य में विश्वविद्यालय ऐसे और विषयों पर कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय संकाय और स्वित्री अंबेडकर कल्चरल क्लब द्वारा डॉ. जसवंत राय का विशेष सम्मान किया गया। इस अवसर पर डॉ. कमल केरल, डॉ. आसिम सिद्दीकी छत्तीसगढ़, डॉ. डेनबा परासांत हैदराबाद, विद्यार्थी रोशन, सौरभ, हर्षल, पेरियार, करण हुशियारपुर, सतनाम सिंह संगरूर सहित विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, विद्यार्थी और क्लब के सदस्य उपस्थित थे।
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