माहिलपुर/दलजीत अज्नोहा
पिहोवा तीर्थ जिसका प्राचीन ग्रंथों में प्रथूदक तीर्थ के नाम से वर्णन मिलता है इस बारे में पंडित गंगाराम जी की गद्दी पर पुरोहित पंडित दीपक कुमार ने बताया की पृथुदक तीर्थ का प्रांची तीर्थ जहाँ मान्यताओ अनुसार पूर्व वाहनी सरस्वती तीर्थ में प्राचीन कुई में विशेष बसाखी के दिन स्नान से सभी तीर्थों के स्नान का फल प्राप्त होता है और पाप नष्ट होकर पुन्य की प्राप्ति होती है पृथुदक तीर्थ में प्रांची तीर्थ को विशेष स्थान प्राप्त है इसी स्थान पर श्री राम जी के पिता दशरथ महाराज का क्रियाकर्म महर्षि गर्ग जी ने संपन्न करवाया था और महाभारत में मारे गए कौरवों का क्रियाक्रम भी पृथुदक की भूमि में किया गया इसलिए ब्रह्मा जी की तपस्थली होने पर पिहोवा तीर्थ को मोक्ष प्रदान करने वाला तीर्थ माना जाता है
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