होशियारपुर /दलजीत अज्नोहा
पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी प्रेस नोट कहा है कि गत दिवस बहस के बाद लोकसभा द्वारा मत विभाजन में 528 में से 298 सदस्यों ने लोकसभा तथा विधानसभाओं में सत्ता की भागीदारी में महिलाओं को शामिल करने वाले प्रस्ताव के पक्ष में वोट डाला। जबकि कांग्रेस व मुख्य विपक्षी दलों ने उनके विरोध में 230 वोटे डालकर महिलाओं के लिए लाये गए इस विधेयक का रास्ता रोक लिया। उन्होंने कहा कि भारत में अपनी संस्कृति के अनुसार मातृ शक्ति को बराबर के वह सभी अधिकार प्राप्त थे जो सभी पुरुषों को मिलते थे। हमारे ग्रंथो में बताए गए श्लोक के अनुसार
''यत्र नारी पूज्यन्ते तत्र वसते देवता।।''
यहां नारी की पूजा होती है ,वहां देवताओं का वास होता है की धारणा को अपनाया कि गया है। कांग्रेस पार्टी लम्बे समय से महिलाओं के आरक्षण के बिलो को फजूल की तरह - तरह की बातो से उलझाती आई है। अब जब भाजपा ने इसको अंतिम रूप देने की कोशिश की है तो जो कांग्रेसी पहले टाल मटोल की नीति अपनाकर इसे रोक रहे थे। उन्हें नंगे होकर सामने आकर विरोध करना पड़ा। जिससे नारी विरोधी विपक्ष की पोल खुल गई है। उन्होंने कहा कि देश को विकसित भारत बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने जो सकल्प लिया है उसके लिए देश की आधी आबादी को सत्ता में भागीदारी से परे रखकर विपक्ष ने देश के विकास में रोड़ा अटकाने की कोशिश की है। विपक्ष के इस कदम को भारत के इतिहास में कलंक के तौर पर जाना जाएगा।
Comments
Post a Comment