विश्व मलेरिया दिवस” के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर जागरूकता अभियान का आयोजनसही जानकारी और सावधानियों से मलेरिया को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है: डॉ. मनप्रीत सिंह
होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा
सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ.मनदीप कमल एवं सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ.मनप्रीत सिंह बैंस के दिशा-निर्देशों के अनुसार आज 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों में मलेरिया के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न गांवों और स्कूलों में स्वास्थ्य टीमों द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए और लोगों को बताया गया कि मलेरिया के मुख्य लक्षण बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द और उल्टियां हैं। यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच करवानी चाहिए।
इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ.मनप्रीत सिंह ने बताया कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, मच्छरों के बढ़ने का खतरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मच्छर कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं, जिनमें मलेरिया एक प्रमुख बीमारी है। उन्होंने बताया कि मलेरिया एक प्रकार का गंभीर बुखार है जो मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर साफ खड़े पानी (जैसे नालियां, तालाब, गड्ढे, छतों पर पड़े टूटे बर्तन, टायर, गमले आदि) में पनपता है। इसलिए जरूरी है कि मच्छरों से बचाव किया जाए और अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
मलेरिया के लक्षणों के बारे में उन्होंने बताया कि शुरुआती लक्षणों में ठंड लगना और कंपकंपी के साथ बुखार, सिरदर्द, बुखार उतरने के बाद थकान और कमजोरी तथा शरीर में पसीना आना शामिल हैं। इसके लक्षण आमतौर पर संक्रमित मच्छर के काटने के 10-15 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जाकर खून की जांच करवाएं और डॉक्टर की सलाह लें। स्वयं कोई भी दवा न लें। मलेरिया की जांच और उपचार राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है।
मच्छरों से बचाव के लिए ऐसे कपड़े पहनें जिससे शरीर पूरी तरह ढका रहे। रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, मच्छर भगाने वाली क्रीम आदि का इस्तेमाल करें तथा अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों से अपील की जाती है कि वे मलेरिया के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में सहयोग दें और अपने आसपास साफ-सुथरा वातावरण बनाए रखें। सही जानकारी और सावधानियों से मलेरिया को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
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