होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा — पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक पांडव तालाब, दसूहा में जिला प्रधान संजीव धूत और महासचिव तिलक राज के नेतृत्व में आयोजित की गई। बैठक में राज्य कन्वीनर जसवीर तलवाड़ा, वित्त सचिव वरिंदर विक्की, प्रिंस पलियाल (गढ़दीवाला) और रजत महाजन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान पिछले संघर्ष की समीक्षा की गई और भविष्य की रणनीति तय की गई। नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार 18 नवंबर 2022 को जारी पुरानी पेंशन बहाली के अधूरे नोटिफिकेशन को जानबूझकर लंबित रख रही है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी परेशान हैं, जबकि मुख्यमंत्री विदेश दौरों में व्यस्त हैं। नेताओं ने यह भी कहा कि एनपीएस (नई पेंशन योजना) के तहत सेवानिवृत्त हो रहे कई कर्मचारी गुजारे के लिए मजदूरी करने को मजबूर हैं, लेकिन पंजाब सरकार इस मुद्दे पर मूकदर्शक बनी हुई है।
उन्होंने चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री जहां भी पंजाब में जाएंगे, वहां संघर्ष समिति के सदस्य काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराएंगे। नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब सरकार केंद्र सरकार के इशारों पर काम कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संघर्ष समिति ने मांग की कि पंजाब सरकार जल्द से जल्द पुरानी पेंशन योजना बहाल करे, अन्यथा लगभग 2 लाख कर्मचारी और उनके परिवार आगामी चुनावों में सरकार का डटकर विरोध करेंगे।
इस अवसर पर जसवीर बोडल, उमेश कुमार, चमन लाल, विपिन कुमार, मनमोहन सिंह, जसविंदर बुल्होवाल, अशोक बुल्होवाल, गुरकिरपाल बोदल और सतपाल कमाही देवी भी उपस्थित थे।
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