होशियारपुर की दाना मंडी में बदइंतजामी सरकार की विफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण/ संजीव तलवारकनक (गेहूं) की खरीद सिर पर, पर मंडी में गंदगी और टूटी सड़कों का बुरा हाल/ हल्का इंचार्ज तलवारअनुभवहीन सरकार ने किसानों को मंडियों में रुलने के लिए छोड़ा, सरकारी तंत्र पूरी तरह फेल


होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा 
शिरोमणि अकाली दल के हल्का होशियारपुर के इंचार्ज संजीव तलवार और अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा आज होशियारपुर की मुख्य दाना मंडी का विशेष दौरा किया गया। मंडी की खस्ता हालत और प्रबंधों की कमी को देखते हुए तलवार ने मौजूदा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए इसे "अनुभवहीन" करार दिया।
दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए संजीव तलवार ने कहा कि सरकारी आदेशों के अनुसार 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होनी तय है, लेकिन जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि मंडी की सड़कें बुरी तरह टूट चुकी हैं। खरीद तो दूर की बात, किसानों के लिए अपनी फसल की ट्रॉलियां मंडी के अंदर लाना ही असंभव हो रहा है। मंडी में चारों ओर गंदगी का बोलबाला है और सफाई का कोई नामो-निशान नहीं, जिस कारण किसानों और मजदूरों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
सरकार पर तीखा हमला करते हुए संजीव तलवार ने कहा:
"शिरोमणि अकाली दल इस लापरवाही की सख्त निंदा करता है। यह सरकार सिर्फ बातों की सरकार है, काम की नहीं। सरकारी तंत्र पूरी तरह फेल हो चुका है। जो सरकार खरीद सीजन शुरू होने से पहले मंडियों के रास्ते तक ठीक नहीं करवा सकी, वह किसानों को सुविधाएं क्या देगी?"
उन्होंने आगे कहा कि सरकार की इस अनदेखी से स्पष्ट है कि उन्हें किसानों की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है। संजीव तलवार ने कहा कि आज किसान सरदार प्रकाश सिंह बादल का राज याद कर रहे हैं, जब उनकी फसल के एक-एक दाने की संभाल सरकार स्वयं करती थी और मंडी में उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया करवाई जाती थीं।
संजीव तलवार ने प्रशासन और सरकार को चेतावनी देते हुए मांग की कि तुरंत प्रभाव से मंडी की सड़कों की मरम्मत और सफाई करवाई जाए। किसानों के लिए मंडी में पीने वाले पानी, बिजली और बैठने के पुख्ता प्रबंध किए जाएं ताकि किसानों को किसी तरह की कोई मुश्किल पेश न आए। इस मौके भूपिंदर सिंह मेहंदीपुर सर्कल प्रधान,जगतार सिंह सर्कल प्रधान, संतोख सिंह औजला, नंबरदार तीरथ सिंह सतौर
,हरजीत सिंह,विजय सिंह, मनजीत सिंह, तरलोचन सिंह, मनोर सिंह मेहंदीपुर भी उपस्थित थे

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