गढ़शंकर के नूरपुर जट्टां गांव में डॉ. अंबेडकर के बुत की बेअदबी के खिलाफ बसपा का हल्ला बोल, 18 अप्रैल को होगी विशाल रैली - करीमपुरी**पंजाब सरकार मुलाज़मों का रोका 16% डी.ए. तुरंत जारी करे


**हुशियारपुर/दलजीत अजनोहा
बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अवतार सिंह करीमपुरी ने विधानसभा हलका गढ़शंकर के गांव नूरपुर जट्टां में संविधान निर्माता बाबा साहिब डॉ. बी.आर. अंबेडकर जी के बुत की हुई बेअदबी की सख्त शब्दों में निंदा करते हुए सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए घोषणा की कि अगर पुलिस प्रशासन ने आने वाले 72 घंटों के अंदर दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया तो बहुजन समाज पार्टी की ओर से तीखा संघर्ष छेड़ते हुए पक्का धरना लगाया जाएगा और डॉ. अंबेडकर के सम्मान में बसपा की ओर से 18 अप्रैल को गांव नूरपुर जट्टां में विशाल रोष रैली की जाएगी।
करीमपुरी ने कहा कि अब तक 9 बार बाबा साहिब के बुतों की बेअदबी हो चुकी है, पर बार-बार मांग करने के बावजूद न तो पंजाब की 'आप' सरकार ने और न ही केंद्र की भाजपा सरकार ने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारों की यह चुप्पी साबित करती है कि केंद्र और पंजाब दोनों सरकारों की मानसिकता अंबेडकर विरोधी है।
डॉ. करीमपुरी ने 'पंजाब संभालो मुहिम' तहत मौजूदा सरकार पर बरसते हुए कहा कि कानून व्यवस्था बुरी तरह फेल हो चुकी है, पंजाब में दलितों और पिछड़े वर्गों के रहनुमाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बार-बार बुतों की बेअदबी होना किसी गहरी सियासी साजिश का हिस्सा है ताकि सामाजिक भाईचारे को भंग किया जा सके।
करीमपुरी ने कहा 'आप' सरकार ने सिर्फ वोट लेने के लिए बाबा साहिब का नाम लिया है, जबकि असल में उनकी विचारधारा को खत्म करने की कोशिश की जा रही है, अब हम चुप करके नहीं बैठेंगे, बाबा साहिब हमारी आन, बान और शान हैं। डॉ. करीमपुरी ने समूह न्यायपसंद लोगों और बसपा वर्करों को अपील की कि वे 18 अप्रैल की रैली में बड़ी तादाद में पहुंचकर सरकार के लोक-विरोधी और अंबेडकर-विरोधी चेहरे को नंगा करें।
पत्रकारों के सवालों के जवाब में करीमपुरी ने पंजाब सरकार की ओर से मान्योमान्य हाईकोर्ट में मुलाज़मों के 16 प्रतिशत महंगाई भत्ते संबंधी दिए गए नकारात्मक जवाब की सख्त शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि सरकार का यह कदम सूबे के लाखों कर्मचारियों के साथ सरासर धक्का है और सरकार की नियत पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि अदालत में यह कहना कि खजाने में पैसा नहीं है और निकट भविष्य में डी.ए. देने की कोई योजना नहीं है, बेहद शर्मनाक बयान है। उन्होंने सवाल किया कि अगर सरकार के पास अपने प्रचार और विज्ञापनबाजी के लिए करोड़ों रुपये हैं, तो दिन-रात मेहनत करने वाले कर्मचारियों के हक के लिए खजाना खाली कैसे हो जाता है?
मुलाज़मों के पक्ष के मुद्दे को पार्टी की चल रही 'पंजाब संभालो मुहिम' से जोड़ते हुए करीमपुरी ने कहा कि आज पंजाब का हर वर्ग इस सरकार की गलत नीतियों के कारण दुखी है। बसपा की मुहिम का मुख्य मकसद ही पंजाब के लोगों को ऐसी लोक-मारू सरकारों से निजात दिलाना है। मुलाज़म वर्ग सूबे की रीढ़ की हड्डी होता है, और जब रीढ़ की हड्डी ही कमजोर की जा रही हो, तो सूबे का विकास असंभव है। पंजाब सरकार तुरंत मुलाज़मों का रोका हुआ 16% डी.ए. जारी करे।

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