नशों के विरुद्ध युद्ध” अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलबीपीएल में जागरूकता कार्यशाला आयोजित*

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होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा 

पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे “नशों के विरुद्ध युद्ध” अभियान के तहत डिप्टी कमिश्नर होशियारपुर श्रीमती आशिका जैन (आई.ए.एस.) के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सोसायटी होशियारपुर द्वारा लुधियाना बेवरेजिज़ लिमिटेड, कोका-कोला होशियारपुर प्लांट (एल.बी.पी.एल.) में एक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।

इस अवसर पर डिप्टी मेडिकल कमिश्नर होशियारपुर डॉ. स्वाती शीमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। इसके अलावा डॉ. जसलीन कौर, मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज जिला नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, रविंदर कुमार जस्सल डिप्टी मास मीडिया अधिकारी, परमिंदर कौर काउंसलर, प्रशांत आद्या काउंसलर, तह़रीन बसरा फेलो (मेंटल हेल्थ), अभिषेक सीनियर मैनेजर एच.आर. एल.बी.पी.एल. तथा पंकज सनोट्रा डिप्टी मैनेजर एच.आर. भी मौजूद रहे।

इस मौके पर डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. स्वाती शीमार ने कहा कि नशाखोरी एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्या है और इससे बचाव के लिए लगातार जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की तथा नशों से दूर रहकर मेहनत से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशों की लत से बचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं को गांवों के पहरेदार और वी.डी.सी. सदस्य बनकर जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया और कहा कि यदि हम आज से ही जागरूक हो जाएं तो अपने पंजाब को पुनः रंगला पंजाब बना सकते हैं।

इस अवसर पर डॉ. जसलीन कौर ने नशे की लत के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी और युवाओं को इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया।

इस मौके पर काउंसलर परमिंदर कौर द्वारा नशाखोरी के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।

इस अवसर पर काउंसलर प्रशांत आद्या ने बताया कि जिला होशियारपुर में नशाखोरी का इलाज स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, पंजाब सरकार द्वारा निःशुल्क किया जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में सिविल अस्पताल होशियारपुर और दसूआ में दो नशा मुक्ति केंद्र, एक नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र तथा 16 ओ.ओ.टी. क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, जहां मरीजों का इलाज किया जाता है।

इस मौके पर तह़रीन बसरा ने “नशों के विरुद्ध युद्ध” अभियान के तहत चल रही गतिविधियों जैसे सूरमा कार्यक्रम, गांवों के पहरेदार कार्यक्रम और जन-स्तर पर जागरूकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर रविंदर कुमार जस्सल ने कोटपा एक्ट के बारे में जानकारी दी। अंत में पंकज सनोट्रा, डिप्टी मैनेजर एच.आर. ने स्वास्थ्य विभाग की आई टीम का हृदय से धन्यवाद किया और आशा व्यक्त की कि उनका स्टाफ नशा जागरूकता संदेश को आगे तक पहुंचाएगा।

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