डिप्टी कमिश्नर की ओर से पानी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर- कहा, कम पानी की खपत वाली फसलों को प्राथमिकता देना समय की मुख्य आवश्यकता- आधुनिक तकनीकों से खेतों में पानी का उपयोग करने वाले किसानों को सौंपे गए चेक


होशियारपुर, 21 मार्च : जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय जल शक्ति केंद्र पंडित जगत राम मेमोरियल फोर्स ट्रस्ट और लुधियाना बेवरेज कंपनी के सहयोग से विश्व जल दिवस मनाया गया। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने किसानों से अपील की कि पानी की अधिकतम बचत पर विशेष ध्यान दिया जाए और कम पानी वाली फसलों की खेती को प्राथमिकता दी जाए।
जिला प्रशासनिक परिसर में बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पानी का जरूरत के अनुसार उपयोग करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जा सके। उन्होंने कहा कि खेती और जल संरक्षण का गहरा संबंध है, इसलिए किसानों को कम पानी वाली फसलों को अपनाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि जिले के कई क्षेत्रों में किसान पानी की बचत के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जो सराहनीय है।
इस मौके पर उन्होंने कृषि अधिकारी दुपिंदर सिंह, बागवानी विभाग के डॉ. विक्रम वर्मा, एसडीओ मीनाक्षी भल्ला, गुड ग्रो फगवाड़ा के संस्थापक डॉ. अवतार सिंह और फोर्स ट्रस्ट के निदेशक संजीव शर्मा की उपस्थिति में बेड तकनीक से सिंचाई करने वाले किसानों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और जिला प्रशासन किसानों की हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन समय-समय पर आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता अभियान चलाता रहता है और भविष्य में ऐसे प्रगतिशील किसानों के खेतों का दौरा भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसानों को जल संरक्षण के उपायों के बारे में जानकारी दी जा सके।
डिप्टी कमिश्नर ने पर्यावरण और जल संरक्षण में योगदान देने वाले जिले के 26 किसानों को प्रोत्साहन के रूप में चेक भी वितरित किए।
डॉ. अवतार सिंह ने कहा कि प्राकृतिक खेती को अपनाकर स्वस्थ फसल उत्पादन को बढ़ावा देना हम सभी का कर्तव्य है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण संभव हो सके। उन्होंने आधुनिक सिंचाई तकनीकों और जल संरक्षण के लिए सामुदायिक भागीदारी पर भी जोर दिया।
किसानों ने विश्वास दिलाया कि वे अपने आसपास के क्षेत्रों के किसानों को भी जल संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे।

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