माहिलपुर/दलजीत अजनोहा
प्रसिद्ध सूफी शायर और समाजसेवी खलीफा डॉ. अब्दुल गफूर शाह कादरी पिछले लगभग 40 वर्षों से मानवता की सेवा में निरंतर समर्पित हैं। वे लुधियाना जिले की अहमदगढ़ मंडी में देसी दवाइयों के माध्यम से मरीजों का इलाज कर रहे हैं और हजारों लोग उनकी इस सेवा से लाभान्वित हो चुके हैं।
सीनियर पत्रकार दलजीत अजनोहा के साथ विशेष बातचीत के दौरान खलीफा डॉ. अब्दुल गफूर शाह कादरी ने बताया कि वे पिछले चार दशकों से ऑल इंडिया फार्मेसी में पंजीकृत हैं और पारंपरिक देसी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लोगों का उपचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों की सेवा करना उनके लिए केवल एक पेशा नहीं बल्कि इंसानियत की सेवा और इबादत के समान है।
उन्होंने बताया कि अहमदगढ़ मंडी में उनके पास दूर-दूर से लोग इलाज के लिए आते हैं और अनेक मरीजों को उनकी देसी दवाइयों से काफी राहत मिली है। उनकी सेवा भावना और समर्पण के कारण समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखते हैं।
डॉ. अब्दुल गफूर शाह कादरी केवल एक चिकित्सक ही नहीं बल्कि एक प्रसिद्ध सूफी शायर भी हैं। उनकी लिखी पुस्तक “इश्क तरंगें” साहित्य जगत में काफी प्रसिद्ध हो चुकी है और पाठकों द्वारा इसे काफी सराहा गया है। उनकी शायरी में प्रेम, आध्यात्मिकता और इंसानियत का सुंदर संदेश मिलता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खलीफा डॉ. अब्दुल गफूर शाह कादरी ने अपना जीवन समाज सेवा और सूफी विचारधारा के प्रचार-प्रसार को समर्पित कर दिया है तथा उनकी निस्वार्थ सेवा जरूरतमंद मरीजों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो रही है।
Comments
Post a Comment