बी.बी.एम.बी. डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, तलवाड़ा के निजीकरण के विरोध में सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने केंद्रीय विद्युत मंत्री के समक्ष उठाया मुद्दा
होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा
होशियारपुर से संसद सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बी.बी.एम.बी.) के अधीन संचालित डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, तलवाड़ा को निजी अथवा अन्य शैक्षणिक संस्थाओं को सौंपने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है।
डॉ. चब्बेवाल ने कहा कि इस निर्णय से विद्यालय में अध्ययनरत लगभग 1200 विद्यार्थियों का भविष्य अनिश्चित हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यह स्कूल पिछले चार दशकों से अधिक समय से पंजाब और हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थियों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है। विशेष रूप से उन परिवारों के बच्चे यहां पढ़ते हैं जिन्होंने पोंग डैम के निर्माण के दौरान अपनी जमीन, घर और आजीविका की कुर्बानी दी थी। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय की एक समृद्ध शैक्षणिक विरासत रही है और यहां से पढ़े अनेक विद्यार्थी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ISRO, रक्षा सेवाओं, सिविल एविएशन तथा चंद्रयान मिशन जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में देश की सेवा कर रहे हैं।
डॉ. चब्बेवाल ने इसे “गंभीर विडंबना” बताया कि पोंग डैम से रिकॉर्ड विद्युत उत्पादन के बावजूद बी.बी.एम.बी. द्वारा इस विद्यालय को वित्तीय बोझ बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव से विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों में गहरी चिंता का माहौल बना है, जिससे शिक्षा के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों से विद्यालय से जुड़े विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक इस संस्था को बचाने के लिए लगातार शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। सांसद ने केंद्रीय मंत्री से मांग की कि विद्यालय की वर्तमान प्रबंधन व्यवस्था को यथावत रखा जाए और निजीकरण का निर्णय तत्काल रद्द किया जाए।
डॉ. चब्बेवाल ने कहा, “वित्तीय अस्थिरता के नाम पर बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं किया जा सकता। बी.बी.एम.बी. डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल जैसी संस्थाएं खर्च नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में निवेश हैं।” उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार विद्यार्थियों के शैक्षिक अधिकारों और तलवाड़ा क्षेत्र के लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए एक संवेदनशील और दूरदर्शी निर्णय करेगी

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