बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान- बेटियों के सपनों को मिली नई दिशा - ज़िले की 40 छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की 180 घंटे की निःशुल्क कोचिंग से सशक्त पहल - डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन के प्रयासों से बेटियों के सपनों को मिली उड़ान - डिप्टी कमिश्नर ने छात्राओं के साथ साझा किया आईएसएस बनने का अपना सफर
होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा
जब सपनों में उड़ान हो और इरादों में दृढ़ता, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं रहती। इसी विश्वास को जीवंत करती हुई डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने आज ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत फ्री कोचिंग प्राप्त कर रही 40 छात्राओं से आत्मीय संवाद किया। यह संवाद केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि प्रेरणा, संवेदना और आत्मविश्वास का अद्भुत संगम था। इस दौरान उनके साथ पीसीएस (ट्रेनी) गुरप्रीत कौर व जिला प्रोग्राम अधिकारी गगनदीप सिंह भी मौजूद थे।
डिप्टी कमिश्नर ने छात्राओं से खुलकर बातचीत की, उनके प्रश्न सुने और बड़े धैर्य से हर जिज्ञासा का उत्तर दिया। उन्होंने छात्राओं के साथ आईएएस बनने तक की यात्रा साझा की। उन्होंने कहा कि “सपने वही सच होते हैं, जिनके लिए हम हर दिन थोड़ा-थोड़ा संघर्ष करते हैं।” उनका अनुभव सुनकर छात्राओं ने कड़ी मेहनत का दृढ़ निश्चय किया।
उन्होंने बताया कि यह फ्री कोचिंग ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत उदय अकैडमी (ज्ञानम्), गवर्नमेंट कॉलेज चौक, होशियारपुर में 13 फरवरी से 30 मार्च 2026 तक 180 घंटे के लिए संचालित की जा रही है। यहां छात्राओं को एसएससी, बैंकिंग, रेलवे और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जा रही है। कक्षाएं सोमवार से शनिवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक लगेंगी, तथा साप्ताहिक मॉक टेस्ट भी आयोजित किए जाएंगे।
डिप्टी कमिश्नर ने छात्राओं को समय प्रबंधन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि असफलता अंत नहीं, बल्कि सीखने का अवसर होती है। “यदि आत्मविश्वास अडिग हो, तो हर बाधा रास्ता बन जाती है।
छात्राओं ने जिला प्रशासन के इस प्रयास को जीवन बदलने वाला कदम बताया और भरोसा दिलाया कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनेंगी। डिप्टी कमिश्नर ने विश्वास जताया कि होशियारपुर की बेटियां आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं, बैंकिंग, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगी।
ज़िला प्रोग्राम अधिकारी गगनदीप सिंह ने कहा कि यह संवाद केवल एक कार्यक्रम नहीं था, यह बेटियों के सपनों को पंख देने की एक सशक्त पहल थी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनकर रहेगी। इस मौक़े पर सीडीपीओ होशियारपुर-1 व सीडीपीओ होशियारपुर-2 भी मौजूद थे।

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