नगर सुधार ट्रस्ट कार्यालय की निलामी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालः एडवोकेट मरवाहा



होशियारपुर /दलजीत अज्नोहा 
 सरकार की अनदेखी, उदासीनता व नाकामी के चलते होशियारपुर नगर सुधार ट्रस्ट कार्यालय की इमारत की निलामी होना दुख की बात है और यह सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान भी है। यह बात ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन एडवोकेट राकेश मरवाहा ने निलामी पर दुख व्यक्त करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह सरकार की सबसे बड़ी नाकामी है कि उसने इस तरफ समय रहते कोई ध्यान नहीं दिया। अगर सरकार चाहती तो समय रहते ट्रस्ट को फंड जारी करती ताकि अधिकारी इस मामले को बैठकर सुलझाने में सक्षम हो पाते। लेकिन आश्चर्य की बात है कि सरकार ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया। एऐडवोकेट मरवाहा ने कहा कि वह भी ट्रस्ट के चेयरमैन रह चुके हैं, इस कारण इस बात का बहुत आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि शहर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान डालने वाली दो ही मुख्य एजेंसियां होती हैं, पहली नगर निगम और दूसरी नगर सुधार ट्रस्ट। नगर सुधार ट्रस्ट को लेकर सरकारों का रवैया उदासीन ही रहता है। पिछले सरकार द्वारा भी ट्रस्ट को कोई ग्रांट जारी नहीं की गई थी तथा अब मौजूदा सरकार में भी कोई ग्रांट न आने के कारण मौजूदा सरकार को यह दिन देखना पड़ रहा है। जबकि, सरकारों को चाहिए कि वह नगर सुधार ट्रस्ट को आर्थिक रुप से मजबूत बनाने के लिए इस तरफ भी ध्यान देते हुए समय-समय पर विकास कार्यों एवं ऐसे मामलों के निपटारे किए ग्रांट जारी करे ताकि आर्थिक तंगी का सामना कर रहे इन ट्रस्टों की स्थित में सुधार हो सके। सरकार की उदासीनता के कारण ट्रस्ट खुद आमदनी और खर्च का प्रबंधन करते हैं, जो उनके लिए काफी मुश्किल बना हुआ है। उन्होंने सरकार से अपील की कि नगर सुधार ट्रस्टों की हालत सुधारने की तरफ विशेष ध्यान दिया जाए।

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