होशियारपुर, 1 दलजीत अज्नोहा
बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने और समाज में व्यापक जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जिला होशियारपुर में विशेष बाल विवाह जागरूकता कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान 27 नवंबर 2025 से आरंभ किया गया है, जो जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निरंतर चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में वीरवार जिला कार्यक्रम अधिकारी गगनदीप सिंह के नेतृत्व में जिला होशियारपुर के ब्लॉक मुकेरियां में बाल विवाह जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों, युवाओं एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कैंप का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों, युवाओं, स्कूली विद्यार्थियों एवं आम जनता को बाल विवाह के दुष्परिणामों, बच्चों के अधिकारों तथा इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना रहा। उपस्थित लोगों को बताया गया कि बाल विवाह से बच्चों की शिक्षा बाधित होती है, स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं तथा उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
कैंप के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि भारतीय कानून के अनुसार 21 वर्ष से कम आयु के लड़के तथा 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह करना दंडनीय अपराध है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह कराने, उसमें सहयोग करने अथवा इसके लिए प्रेरित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। साथ ही नागरिकों को यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तुरंत प्रशासन या संबंधित विभाग को सूचित करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
जिला प्रशासन होशियारपुर की ओर से समस्त नागरिकों से अपील की गई कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए आगे आएं तथा बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य प्रदान करने में सक्रिय सहयोग दें। इस जागरूकता अभियान के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
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