होशियारपुर/दलजीत अजनोहा
पंजाब सरकार द्वारा प्रदेश में नशों के खात्मे के लिए चलाई जा रही मुहिम "युद्ध नशों के विरुद्ध" को कामयाब करने के लिए प्रदेश के विद्यार्थियों, अध्यापकों, साहित्य और कला से जुड़े लोगों द्वारा अपना सराहनीय योगदान दिया जा रहा है। नतीजतन पंजाब सरकार प्रदेश में विद्यार्थियों और नौजवानों के लिए स्वस्थ वातावरण सृजन में कामयाब होगी।इन विचारों का प्रतिपादन डिप्टी कमिश्नर हुषियारपुर श्रीमती आशिका जैन आईएएस ने लेक्चरर सुखदेव सिंह (संगीत एवं आवाज) तथा वरिंदर सिंह निमाणा (लेखक एवं आवाज) द्वारा लिखित नशों के खिलाफ जागरूकता पंजाबी गीत 'युद्ध नशों के विरुद्ध चला...' को लोक अर्पण करने के समय किया।डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि नशे की बीमारी इंसान की शारीरिक एवं मानसिक शक्ति को बुरी तरह प्रभावित करती है, जिसके कारण विद्यार्थियों और नौजवानों को इस मारी बुराई के प्रति जागरूक करने की हमेशा जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई, खेलों और कोमल कलाओं के माध्यम से यह बताना जरूरी होता है कि समझदार इंसान अपनी जिंदगी में सपने पूरे करने के लिए किसी भी तरह नशे का सहारा न ले, बल्कि सख्त मेहनत और सकारात्मक नजरिए के साथ अपनी मंजिल की तलाश करने की कोशिश करे। उन्होंने नशाखोरी के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के लिए शिक्षा विभाग होशियारपुर द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से तैयार किए गए जागरूकता गीत 'युद्ध नशों के विरुद्ध चला...' की सराहना करते हुए कहा कि यह कोशिश स्कूल और कॉलेज पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नशों से बचाने के लिए किए जा रहे यतनों के लिए मददगार साबित होगी।इस मौके पर एडीसी (विकास) निकास कुमार आईएएस, एडीसी (जनरल) अमरबीर कौर भुल्लर, सहायक कमिश्नर परमप्रीत सिंह के अतिरिक्त होशियारपुर प्रशासन के विभिन्न उच्च अधिकारी भी हाजिर थे।
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