फगवाड़ा निवासी मोनिका ढींगरा का ऑस्ट्रेलिया में निधन, अंगदान करने से 7 लोगों को मिला नया जीवन:- संजीव अरोड़ा/बहल


होशियारपुर दलजीत अज्नोहा 
  फगवाड़ा निवासी 50 वर्षीय मोनिका ढींगरा जो की पिछले लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे थे उनका संक्षिप्त बीमारी के कारण वहां पर ब्रेन डेड होने से उनका निधन हो गया। उनकी इच्छा अनुसार उनके पारिवारिक सदस्यों राजिंद्र ढींगरा (पति), अनमोल ढींगरा (पुत्र) , चैरी ढींगरा (पुत्री) ने उनके ऑर्गन दान कर दिए। और उन्होंने उनकी अंतिम अरदास का कार्यक्रम अपने पैतृक शहर फगवाड़ा में किया जिसमें पारिवारिक सदस्यों ने फगवाड़ा के रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष रोटेरियन पवन कालरा के माध्यम से रोटरी आई बैंक होशियारपुर से संपर्क साधा व उनकी अंतिम अरदास में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
        इस अवसर पर प्रधान जे. बी बहल ने कहा कि किसी मरीज का ब्रेन डेड होने के बाद उसके पारिवारिक सदस्यों द्वारा उसके ऑर्गन दान करके किसी अन्य मरीज को जीवन दान देना सबसे बड़ी मानवता की सेवा है। हाल ही में फगवाड़ा निवासी मोनिका ढींगरा अब ऑस्ट्रेलिया में ब्रेन डेड होने पर उनके पारिवारिक सदस्यों द्वारा ऑर्गन दान करके 7 लोगों को जीवन दान दिया है जो की संपूर्ण मानव जाति के लिए प्रेरणा स्रोत है। तथा इस प्रकार के मामलों में यही एक सही कदम कहा जा सकता है। क्योंकि संसार से जाने के बाद समस्त अंग जो किसी दूसरे मरीज के काम आ सकते हैं वरना अग्नि में जलकर राख हो जाते हैं।
      इस अवसर पर संजीव अरोड़ा ने कहा कि डॉक्टरो के अनुसार ब्रेन डेड एक ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज की सांसे वेंटीलेटर के सहारे होती हैं और मरीज किसी भी समय संसार को अलविदा कह सकता है ऐसी स्थिति में मरीज के ऑर्गन दान करने से अन्य कई मरीजों को जीवन दान मिल सकता है। जिसमे लिवर, किडनी,आंखें,दिल व अन्य ट्रांसप्लांट किए जाने वाले अंग दूसरे मरीज को डाले जा सकते हैं। श्री अरोड़ा ने लोगों से अपील की कि जिस प्रकार वह जीते जी रक्तदान, मरणोपरांत नेत्रदान एवं शरीर दान के साथ जुड़ रहे हैं इसी प्रकार अगर कोई ऐसे मरीज हो जिसका ब्रेन डेड हो वो उसके परिजनों को हिम्मत के साथ इस प्रकार के फैसले लेकर दूसरों के लिए संजीवनी का कार्य करना चाहिए। देखने को मिलता है कि रोजाना कई ऐसे मरीज जीवन की जंग हार जाते हैं। इसलिए ब्रेन डेड मामलों में अंगदान करके इस महायज्ञ में आहुति डालने के लिए आगे आए।
      सचिव प्रो. दलजीत सिंह ने कहा कि अब तो सरकार द्वारा भी इसे मान्यता दी जा चुकी है और सरकार अंगदान पर लोगों को जागरुक भी कर रही है जिसके लिए सरकार द्वारा एक Aap भी निर्धारित किया गया है। आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है आप इस ऐप के माध्यम से ऑनलाइन भी अंग दान करने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
     इस मौके स्वगीर्य मोनिका ढींगरा की पुत्री चैरी ढींगरा ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में विभिन्न संस्थाओं द्वारा उनके द्वारा किए गए इस पुण्य कार्य की सराहना करते हुए वहां पर भी उन्हें सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृष्ण किशोर, रोटरी क्लब ऑफ फगवाड़ा जेम्स के अध्यक्ष रोटेरियन राकेश चावला, पूर्व अध्यक्ष रोटेरियन पवन कालरा सचिव राकेश सूद , मलकीत सिंह, परविंदर सिंह कुंडी, तरन चंद,डा. अशोक व अन्य उपस्थित थे।
Caption:- स्वर्गीय मोनिका ढींगरा के परिवारिक सदस्यों को सिरोपे पहनाकर सम्मानित करते हुए प्रधान जे. बी. बहल, संजीव अरोड़ा, प्रो. दलजीत सिंह, कृष्ण किशोर व अन्य।

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