जिले में अनाथ और बेसहारा बच्चों के लिए चलाए जा रहे बाल घरों की रजिस्ट्रेशन अनिवार्य - डी.सी

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होशियारपुर, 31 दलजीत अज्नोहा 
डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने बताया कि जिला होशियारपुर में 0 से 18 साल तक के अनाथ तथा बेसहारा, उपेक्षित बच्चों के लिए कोई भी बाल घर, जो जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 की धारा 41 (1) के अधीन रजिस्टर्ड नहीं हैं, उन बाल घरों के प्रमुखों तथा विभाग द्वारा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 की धारा 42 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एक साल की सजा या 1 लाख रुपए जुर्माना या दोनों ही हो सकते हैं। भारत सरकार द्वारा बनाए गए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 के अनुसार ऐसा कोई भी बाल घर, जो किसी सरकारी, गैर-सरकारी संस्था द्वारा चलाया जा रहा है, जिसमें 0 से 18 साल तक के अनाथ तथा बेसहारा, उपेक्षित बच्चों के रहने और खाने-पीने, देखभाल की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है तथा सरकार द्वारा ग्रांट प्राप्त करते हैं या नहीं, उनको जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 की धारा 41 (1) के अधीन रजिस्टर होना अनिवार्य है।

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