ऑब्जरवेशन होम, ओओएटी क्लीनिकों और विभिन्न गांवों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम



होशियारपुर, 31 दलजीत अज्नोहा 
जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी होशियारपुर द्वारा पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं अथॉरिटी एस.ए.एस. नगर के निर्देशों और जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजिंदर अग्रवाल के आदेशों की पालना करते हुए युवाओं को नशों और अन्य बुराइयों से दूर रखने के लिए जिला होशियारपुर में जागरूकता अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए सी.जे.एम.-कम-सचिव जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी नीरज गोयल ने बताया कि इसी के तहत गांव खनौर, पंडोरी रुकमन, पथरालीया, पोवल, चाहलपुर, खानपुर, शाहपुर, ऑब्जरवेशन होम राम कॉलोनी कैंप, ओओएटी क्लीनिक हेल्थ सेंटर गढ़शंकर, ओओएटी क्लीनिक हेल्थ सेंटर टांडा में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर पैनल एडवोकेट्स द्वारा 'बाल विवाह मुक्त भारत' अभियान संबंधी कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी देते हुए ध्यान में लाया गया कि लड़की की विवाह की आयु 18 वर्ष से कम न हो और लड़के की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही 'नालसा' की पर्यावरण कानूनी साक्षरता और सामुदायिक सुरक्षा पहल, जिसका शीर्षक 'आज की रक्षा करो, कल को सुरक्षित करो' था, के बारे में बताते हुए लोगों को जानकारी दी गई कि गांवों में पराली न जलाई जाए, न ही प्लास्टिक को आग लगाई जाए, क्योंकि इससे धुएं से प्रदूषण हवा में फैलता है, जिससे कई बीमारियां लगती हैं। इसके अलावा एच.आई.वी. एड्स अभियान के बारे में जानकारी दी गई। नशे के खिलाफ अभियान संबंधी उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भविष्य में नशे छोड़कर अच्छे काम करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि अच्छे समाज की रचना की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि नशे के सेवन से मानव जीवन बर्बाद हो जाता है और घर में अशांति पैदा होती है। नालसा (ड्रग जागरूकता और स्वास्थ्य नेविगेशन- ड्रग मुक्त भारत के लिए), योजना 2025 और स्वास्थ्य, पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन पर नशों का प्रभाव तथा एन.डी.पी.एस. एक्ट के कानूनी प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी गई। अंत में जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, होशियारपुर में कार्य कर रहे पैरा लीगल वॉलंटियर्स द्वारा प्रचार सामग्री वितरित की गई।

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