माहिलपुर/दलजीत अजनोहा
मात्र 19 वर्ष की आयु में देश की आज़ादी के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले महान ग़दर आंदोलन के योद्धा शहीद करतार सिंह सराभा को उनके जन्मदिन के अवसर पर याद किया गया। उन्होंने नन्ही उम्र में स्वतंत्रता संग्राम में जो महान और अमूल्य योगदान दिया, उसे नमन किया गया। पिता सरदार मंगल सिंह और माता साहिब कौर जी के स्नेह-छाया से बाल्यकाल बिताने के बाद, दादा सरदार बदन सिंह जी की ओर से बहुत ही-प्यार से उनका पालन पोषण किया और प्राथमिक शिक्षा देने के बाद उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भेज दिया। परन्तु ग़दरी भाइयों के प्रभाव और देशभक्ति की भावना ने उन्हें देश की आज़ादी के लिए लौटने के लिये प्रेरित किया। उन्होंने अंग्रेज़ों के विरुद्ध छावनियों में जाकर सैनिकों को ग़दर के लिये तैयार किया, परंतु अपने ही गद्दारों की मुखबरी के कारण उनकी बगावत सफल नहीं हो सकी। अंग्रेज़ सरकार ने करतार सिंह सराभा को उनके साथियों के साथ फाँसी की सजा दी, पर उनकी प्रबल बगावत और विचारों की ज्वाला को दबाया नहीं जा सका। आज विश्व भर में रहते पंजाबी उस महान राष्ट्रीय शहीद का जन्मदिन मना रहे हैं। इसी संबंध में नंगल खिलाड़ियाँ में भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, यहां संसार के इस संकटपूर्ण समय में दुनिया भर के मानवता के रक्षक महान शहीदों को नमन किया गया। इस अवसर पर भाकियू एकता उगराहां के ज़िला प्रचार सचिव तलविंदर सिंह हीर, मलकीत सिंह, जतिंदर सिंह, सुखविंदर सिंह, आकाश कपूर, पप्पी बंगा, सुरिंदर कौर सहोता, राजविंदर कौर, जसप्रीत कौर आदि उपस्थित थे।
Comments
Post a Comment